जिला धनबाद प्रखंड बाघमारा से बीरबल महतो जी कोयले की खदान और उसमे काम करने वाले मजदुरो पर आधारित एक प्यारी सी कविता प्रस्तुत कर रहे जिसमे वे कहते है की कोयला की खान है मौत की कुआं ,कोयला मजदूर मौत से खेलते है जुआ।
जिला धनबाद प्रखंड बाघमारा से बीरबल महतो जी कोयले की खदान और उसमे काम करने वाले मजदुरो पर आधारित एक प्यारी सी कविता प्रस्तुत कर रहे जिसमे वे कहते है की कोयला की खान है मौत की कुआं ,कोयला मजदूर मौत से खेलते है जुआ।