गांधी जी के जन्म भूमि गुजरात राज्य के पोरबंदर में है यह सभी जानते हैं गांधी जी ने स्वच्छता का नारा भी दिया था आजादी के इतने दिनों के बाद भी हमारा देश क्या गुजरात राज्य भी स्वच्छ नहीं हो पाया गुजरात राज्य के जूनागढ़ के आम जनता चला रहे हैं स्वच्छता अभियान
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जिलाधिकारी का प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समृद्धि यात्रा आज समस्तीपुर में
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों ने किया मतदान, दिया मतदाता जागरूकता का संदेश समस्तीपुर, 6 नवंबर। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के तहत आज समस्तीपुर जिले में शांतिपूर्ण मतदान जारी है। इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनोद कुमार एवं उप विकास आयुक्त सुश्री शैलजा पांडेय ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी निभाई। तीनों अधिकारियों ने महिला महाविद्यालय स्थित पिंक मतदान केंद्र संख्या 190 पर मतदान किया। मतदान के उपरांत उन्होंने आम मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि “एक-एक वोट लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है, इसलिए सभी पात्र मतदाता अवश्य मतदान करें।” जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कुशवाहा ने कहा कि जिले के सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, ताकि प्रत्येक मतदाता निर्भय होकर मतदान कर सके। उन्होंने अपने मतदान के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान को भी सशक्त संदेश दिया कि “जब अधिकारी मतदान कर सकते हैं, तो हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने अधिकार का उपयोग अवश्य करे।” उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनोद कुमार एवं उप विकास आयुक्त सुश्री शैलजा पाण्डेय ने भी मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान को पर्व की तरह मनाएं और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
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कुरसाहा में दो दशक से उपेक्षित सड़क का स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह ने जीर्णोद्धार करवाते हुए, 13 मेई 2025 को इसका उद्घाटन किया।
* *धर्मगुरुओं ने संभाली बाल विवाह की रोकथाम की कमान* समस्तीपुर जिला में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यरत संगठन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र नें बाल विवाहों की रोकथाम के लिए धर्मगुरुओं के बीच चलाया जागरूकता अभियान। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार नें कहा, धर्मगुरुओं से मिला सहयोग व समर्थन अभिभूत करने वाला, इस अक्षय तृतीया जिले में नहीं होगा एक भी बाल विवाह। बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के समस्तीपुर जिला में सहयोगी संगठन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र की ओर से अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम को देखते हुए बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है और सभी धर्मगुरुओं नें इसकी सराहना करते हुए समर्थन का हाथ बढ़ाया है। संगठन नें कहा कि यह देखते हुए कि कोई भी बाल विवाह किसी पंडित, मौलवी या पादरी जैसे पुरोहित के बिना संपन्न नहीं हो सकता, हमनें उन्हें बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ने का फैसला किया। इसके सकारात्मक नतीजों को देखते हुए हम उम्मीद कर सकते हैं इस अक्षय तृतीया पर जिले में एक भी बाल विवाह नहीं होने पाएगा। आज जिले में तमाम मंदिरों-मस्जिदों के आगे ऐसे बोर्ड लगे हुए जिन पर स्पष्ट लिखा है कि यहां बाल विवाह की अनुमति नहीं है। गौरतलब है कि जेआरसी 2030 तक देश से बाल विवाह खत्म करने के मकसद से 'चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया' कैम्पेन चला रहा है। जेआरसी कानूनी हस्तक्षेपों के जरिए बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 416 जिलों में जमीन पर काम कर 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों का नेटवर्क है जिसने पिछले वर्षों में दो लाख से ज्यादा बाल विवाह रुकवाए हैं और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। इसके सहयोगी संगठन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र नें स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग व समन्वय से कानूनी हस्तक्षेपों और परिवारों एवं समुदायों को समझा-बुझा कर अकेले 2023-24 में ही जिले में 6000 बाल विवाह रुकवाए हैं। यह संगठन 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जेआरसी के संस्थापक भुवन ऋभु की किताब ‘व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज’ में सुझाई गई समग्र रणनीति पर अमल कर रहा है। जवाहर ज्योति बाल विकास के सचिव सुरेन्द्र कुमार नें कहा कि अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ जरूरी जागरूकता की कमी है। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं है कि यह बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसीलिए हमनें धर्मगुरुओं और पुरोहित वर्ग के बीच जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया क्योंकि यह वो सबसे महत्वपूर्ण वर्ग है जो विवाह संपन्न कराता है। हमनें उन्हें समझाया कि बाल विवाह और कुछ नहीं बल्कि बच्चों के साथ बलात्कार है। अठारह वर्ष से काम उम्र की किसी बच्ची से वैवाहिक संबंधों में भी यौन संबंध बनाना यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत् बलात्कार है। बेहद खुशी का विषय है कि आज पंडित और मौलवी इस बात को समझते हुए न सिर्फ इस अभियान को समर्थन दे रहे हैं, बल्कि खुद आगे बढ़कर बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ ले रहे हैं। यदि पुरोहित वर्ग बाल विवाह संपन्न कराने से इनकार कर दे तो देश से रातोंरात इस अपराध का सफाया हो सकता है। इस अभियान में उनके आशातीत सहयोग व समर्थन से हम अभिभूत हैं। इसको देखते हुए हमारा मानना है कि जल्द हीं हम बाल विवाह मुक्त समस्तीपुर के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।
समस्तीपुर जिले के धूरलख स्थित ए के पैलेस के सभागार में दूधपुरा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापिका सा प्रगति आदर्श सेवा केंद्र की संरक्षक सदस्या वीणा कुमारी जी नौ वीं पुस्तक स्वरचित कहानी संग्रह का लोकार्पण लोकार्पण समारोह सफलता पूर्वक संपन्न हुआl समस्तीपुर के अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा पुस्तक लिखना एक कठिन कार्य है इसकी महत्ता को समाज और सरकार को समझना चाहिए l विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तत्वावधान में ए के पैलेस धूरलख समस्तीपुर के सभागार में नए उद्यमियों और विक्रेताओं के लिए 9 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर श्री दिलीप कुमार ने विधिवत उद्घाटन किया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
