झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जब खेती की जमीन पर अधिकार और नाम की बात आती है तो उसमें कभी भी महिलाएं शामिल नहीं होती हैं।जमीन का अधिकार सिर्फ पुरुषों के नाम होता है।वह अधिकार महिला किसानों को क्यों नहीं मिलता है ? महिला के नाम पर जमीन सिर्फ उसी वक्त मिलता है जब उसका पति या पिता नही रहता है।ऐसी स्थिति में महिला के नाम पर जमीन करवाया जाता है।महिला के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने में छूट मिलती है।यह देखते हुए परिवार वाले महिला किसान के नाम पर जमीन करवाते हैं।खाद प्रबंधन द्वारा जारी किए गए आंकड़े के अनुसार बारह प्रतिशत से भी कम महिला किसान के नाम पर जमीन है।