झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए और उन लोगों के साथ भेदभाव न हो,इसके लिए कुछ नेताओं ने आंदोलन किया था। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप आज महिलाओं को कुछ अधिकार मिल पा रहा है और भेदभाव से कुछ हद तक छुटकारा मिल पा रहा है। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका,कवयित्री और समाज सुधारक थीं, जिन्होंने अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर भारत में महिलाओं के अधिकारों की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दी।इसके बाद महिलाओं को अधिकार सम्बंधित जानकारी मिली और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई।
