झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि दलित महिलाओं की स्थिति बहुत ही गंभीर हो गई है। अधिकांश दलित परिवार भूमिहीन या छोटे किसान 91 प्रतिशत ऐसी परिवार भूमिहीन या सीमांत ज्योत वाले हैं और 61 प्रतिशत दलित महिलाओं खेतिहार मजदूर हैं। वे अक्सर यौन शोषण और खतरनाक परिस्थितियों में काम करने -जैसे पत्थर की खदाने के प्रति संवेदनशील होते हैं। जिससे उनकी गतिशीलता सीमित होती है। सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में मौखिक, शारीरिक और यौन हिंसा का समान सामना करते हैं जो जाति और लिंग आधारित पदानुक्रम से जुड़ी हैं। पंजाब में सहकारी खेती और भूमि अधिकारों के लिए संघर्ष और तेलंगाना में भूमि अधिकारों की मांग जैसे आंदोलन कर रही हैं।