झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार दिलाने में डॉ भीम राव आंबेडकर की अच्छी भूमिका रही है। भारतीय नारी की विडम्बना यह है कि उचित सदियों से मनोविधान के दमनकारी नियमों से जीवन जीने के लिए विवस किया गया। जिसके कारण वे अपने विरुद्ध कानूनों को सहने की अभ्यास हुई। इसलिए आज भी अधिसंख्यक महिलाएं मनोवादी व्यवस्था आधारित कथा कथित मनो स्मृति के महिला विरोधी कानूनों का संगठनात्मक तरीके से विरोध नहीं कर पा रही हैं।