जिला हजारीबाग प्रखंड इचाक से तेजनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते कि वर्तमान समय में न इचाक प्रखंड बल्कि पुरे झारखंड में देखा जाय तो स्कूलों में बच्चो को प्राथमिक शिक्षा मिल सके इसके लिए व्यवस्था की गई है।लेकिन गौर करने वाली बात है कि आज उन्हीं के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते जो गरीब और असहाय होते हैं एवं वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं। राज्य में प्राथमिक शिक्षा का स्तर गिरने के पीछे एक कारण है असमानता जहां एक ओर गरीब अपने बच्चों को चाहें जैसी भी पढ़ाई हो सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाने को बेबस होते हैं वहीं सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी अपने बच्चो को सरकारी स्कूल में न पढ़ाकर निजी विद्यालयों में पढ़ाते हैं।वे कहते हैं कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी है जिसके कारण बच्चो को सही से शिक्षा नहीं मिल रही है।कहते हैं कि प्राथमिक शिक्षा की स्थिति में तभी सुधार हो पायेगा जब राष्ट्रपति के बच्चे से लेकर एक रिक्शा चालक के बच्चे तक सभी सरकारी स्कूलों में ही पढ़ें। और इसके इसके लिए झारखण्ड सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा ऐसी नीति बनानी चाहिए, ना की शिक्षा में दोहरी नीति अपनायी जानी चाहिए