मधेपुरा में जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के विरुद्ध लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को खारिज हो गया। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर किए गए मत विभाजन में मात्र 13 सदस्यों ने ही भाग लिया। इसमें से मात्र एक मत ही पक्ष में पड़े। जबकि 12 मत प्रस्ताव के विपक्ष में पड़ा। इस तरह जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी की कुर्सी बरकरार रही। वहीं उपाध्यक्ष रघुनंदन दास के विरुद्ध लगे अविश्वास प्रस्ताव भी खारिज हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में एक मत और विरोध में 12 मत पड़े। फलाफल उपाध्यक्ष की भी कुर्सी बरकरार रही। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित झल्लू बाबू सभागार में बैठक बुलाई गई। बैठक की अध्यक्षता डीएम विजय प्रकाश मीणा ने की। लगभग एक घंटे तक चली बैठक में अविश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग कराई गई। जिसमें कुल 28 में से मात्र 13 सदस्य ही बैठक में शामिल हुए। अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो जाने के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष खेमे में जीत की खुशी देखी गई। वहीं विरोधी खेमे में मायूसी छायी रही। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष क3 बैठक हॉल से निकलते ही समर्थकों ने दोनों को फूल माला से लाद दिया। इस दौरान लोगों ने आपस में अबीर-गुलाल लगाकर जश्न मनाया। बता दें कि मधेपुरा में जिला परिषद के कुल 23 सदस्य हैं। जिसमें से आठ सदस्यों ने जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी के खिलाफ व 5 सदस्यों ने उपाध्यक्ष रघुनंदन दास के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। बैठक में मात्र 13 सदस्य ही उपस्थित हुए। जिसमें से केवल एक सदस्य ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। जबकि 12 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के विपक्ष में वोट दिया। अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता क्षेत्र का विकास रहा है। सच्चाई की हमेशा जीत होती है। कुछ देर के लिए परेशानी जरूर होती है। कहा कि हम हमेशा जिला परिषद सदस्यों के मान-सम्मान के लिए तत्पर रही हूं। उन्होंने कहा कि जिलेभर में कई विकास की योजनाएं चल रही है। अब विकास में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।