राजकिशोर यादव,जिला मधुबनी के मधवापुर प्रखंड से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मधवापुर प्रखंड के छोटा किसान मजदुर धान की खेती की क्षति देखकर घबरा जाते है क्योकि बड़े किसान से लीज के रूप में लेकर धान की फसल किये थे.और जिस किसान से खेत लेकर फसल किया था उसे भरपाई कहाँ से किया जायेगा।बिहार सरकार फसल क्षति के लिए क्षतिपूर्ति का लाभ दे रही है लेकिन खेतों का रसीद बड़े किसान के पास है।इसलिए क्षति का लाभ भी उन्हीं लोगों का होगा।और यही वजह है की छोटा किसान न घर का रहता है और न ही घाट का रहता है।जिसके पास जमीन होती है वह खुद खेती नहीं करते है जिसकारण उनको कोई हानि नहीं होगा क्योकि उन्हें हर तरफ से आमदनी ही होती है।
