प्रदेश की हरियाली बढ़ाने में चाट भूमि मददगार बनेगी। यही नहीं, यह नदियों व नहरों में होने वाले कटाव पर रोक लगाने में भी सहायता करेगी। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में चाट भूमि पर पौधरोपण करेगी। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इनमें किस-किस क्षेत्र में कौन-कौन से पेड़ लगाने हैं, इसकी भी योजना बनायी गई है। जल संसाधन विभाग ने इसके लिए 11814 एकड़ चाट चिह्नित की है। इसपर पौधे लगाए जा सकते हैं। विभाग ने इस चाट भूमि की जानकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सौंपी है। अब वह भूमि की पहचान करके वहां तेजी से पौधारोपण करेगा। विभाग का मानना है कि यहां पौधे लगाने के बाद सूबे में हरियाली तो बढ़ेगी ही नदियों व तटबंधों में मानसून के वक्त होने वाले कटाव में भी कमी आएगी। पिछले दिनों विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में चाट भूमि व स्लोप पर पेड़ लगाने को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव अरविंद चौधरी और जल संसाधन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल मौजूद थे। इसी में यह बात भी सामने आई कि जल संसाधन विभाग के नहरों में काफी मात्रा में चाट भूमि उपलब्ध हैं। इसके बाद विकास आयुक्त ने जल संसाधन विभाग और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को इसकी संयुक्त जिम्मेवारी सौंपी।