जिले में प्रचंड गर्मी ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हीट वेब चलने से गर्मी का सितम सिर चढ़कर बोल रहा है। पछुआ हवा के जोर से गर्मी का कहर और बढ़ गया है। शरीर झुलसा देनेवाली गर्मी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गर्मी का कहर इस कदर बढ़ गया है कि दोपहर में सड़कें सूनी पड़ जा रही है। लोग आवश्यक कार्यवश ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जिले में शुक्रवार को पारा 40 डिग्री सेल्सियस को फिर पार कर गया। विगत दस साल के अंदर में वर्ष 2015 में जून में अधिकतम तापमान समान यानी 40 से उपर रहा है। विगत साल की तुलना में इस साल 5 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है। तापमान में साल दर साल वृद्धि होने से आम लोगों के जनजीवन सहित पशु,पक्षियों व फसलों के जीवन चक्र को तापमान प्रभावित करने लगा है। वर्ष 2014 से 2023 तक यह रहा है अधिकतम तापमान मौसम विभाग पूसा के अनुसार 2 जून को वर्ष 2014 से वर्ष 2023 तक के आंकड़े चौंकानेवाले हैं। वर्ष 2014 में अधिकतम 34.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 26.1 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2015 में अधिकतम 40.3 डिग्री व न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2016 में अधिकतम 35.8 डिग्री व न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2017 में अधिकतम 36.8 डिग्री व न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2018 में अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2019 में अधिकतम 34.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 23.5 डिग्री , वर्ष 2020 में अधिकतम 33.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 20.4 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2021 में अधिकतम 33.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस,वर्ष 2022 में अधिकतम 35.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 26.3 डिग्री सेल्सियस व वर्ष 2023 में अधिकतम 40.2 डिग्री व न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
