सूबे के बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के लिए अब उन्हें बचपन से ही इसकी शिक्षा दी जाएगी। महज तीन वर्ष की उम्र से ही उन्हें इस क्षेत्र में जागरूक किया जाएगा। खेल-खेल में उन्हें अपनी भाषा और गणित की शिक्षा मिलेगी। उन्हें पढ़ाने और लंबी कक्षा के माहौल से बचाया जाएगा। भाषा व गणित की पढ़ाई उनके खेल का हिस्सा होगी। इसके लिए सूबे में बाल वाटिका खोली जाएंगी। यह प्री-स्कूल जैसा होगा। यहां छोटे-छोटे बच्चे अपना हुनर निखारेंगे।