झारखण्ड राज्य के कल्हेपाल ग्राम से दिगंबर मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि गाँव में चापाकल नहीं है। कचड़ा फेंकने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।