शर्म को ज़रा किनारे करके अपने बच्चों को AIDS के बारे में विस्तार से बताएं ताकि वो इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रहे। साथियो अगर आप भी एड्स से जुडी कोई जानकारी हमसे साझा करना चाहते हैं तो फ़ोन में अभी दबाएं नंबर 3 का बटन और रिकॉर्ड करें अपनी बात।

मंडल स्तर के लिए चयनित किए गए 15 बाल विज्ञानको के मॉडल

मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद विभागीय लापरवाही में भीग गए किसानों के धान

गेहूं और आलू की खेती के लिए आफत बनके बरसे बदरा.

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

कौशांबी जिले के रहने वाले हयात उल्ला चतुर्वेदी को क्षेत्र के लोगों ने राष्ट्रपति पुरस्कार दिलाने की उठाई मांग

टनल से मजदूरों को बाहर निकालने में लगे 17 दिनों में हर बार की तरह इस बार भी नेताओं से लेकर मीडिया का भारी जमावड़ा आखिरी दिन तक लगा रहा, जो हर संभव तरीके से वहां की पल पल की जानकारी साझा कर रहे था। इन 17 दिनों में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव हो गए, क्रिकेट विश्वकप का आयोजन हो गया,

261 छात्र-छात्राओं को वितरित किया गया स्मार्ट फोन प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत चरवा के बिरौली स्थित माता गोमती देवी महाविद्यालय में सत्र 2022-23 के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि सांसद विनोद कुमार सोनकर ने 261 विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन वितरित किया। मुख्य अतिथि विनोद कुमार सोनकर ने कहा कि मुख्यमंत्री का सपना है कि यहां का युवा समग्र रूप से सक्षम हों। आज के इस तकनीकी युग में प्रदेश में वितरित किए जा रहे स्मार्टफोन व टैबलेट से युवा अपनी पढ़ाई व रोजगार को आगे बढ़ाने में सफल होंगे। प्रबंधक रंजीत सिंह ने कहा कि आज का समय डिजिटल इंडिया का है। आप सभी इस टैबलेट का प्रयोग शिक्षा संबंधित जानकारी के लिए उपयोग करें। इस मौके पर संरक्षक दीपक सिंह समेत महाविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

साथियों, आपने वो कहानी तो सुनी ही होगी कि एक लकड़ी को तो कोई भी तोड़ सकता है लेकिन लकड़ियों के बंडल को तोड़ना आसान नहीं है.. कई मुश्किलें ऐसी होती हैं जिन्हें अकेले से ज़्यादा कई लोग मिलकर हल कर सकते हैं. जी हाँ यही है एकता की ताकत. इसी ताकत को आप तक पहुंचा रहे हैं हम अपने कार्यक्रम बदलाब का आगाज़ के ज़रिये, इसमें 16 दिनों तक बातें होंगी हिंसा के खिलाफ सक्रियता को लेकर।