आज की कड़ी में हम सुनेंगे सोशल मीडिया से फ़ोटो चोरी होने से सम्बंधित जोखिमों के बारे में जानकारी।
आज की कड़ी में हम सुनेंगे सोशल मीडिया से संबंधित जोखिमों के बारे में ऑनलाइन पैसों का लेन देन और अपनी वीडियो डालना कितना सुरक्षित है।
आपदा राहत के दौरान भी महिलाओं की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहती है। राहत शिविरों में कई बार अकेली महिलाओं, विधवाओं या महिला-प्रधान परिवारों की जरूरतें प्राथमिकता में नहीं आतीं। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- जब किसी महिला के नाम पर घर या खेत होता है, तो परिवार या समाज में उसे देखने का नज़रिया किस तरह से बदलता है? *--- आपके हिसाब से एक गरीब परिवार, जिसके पास ज़मीन तो है पर कागज नहीं, उसे अपनी सुरक्षा के लिए सबसे पहले क्या कदम उठाना चाहिए?"? *--- "सिर्फ 'रहने के लिए छत होना' और उस छत का 'कानूनी मालिक होना'—इन दोनों स्थितियों में आप एक महिला की सुरक्षा और आत्मविश्वास में क्या अंतर देखते हैं?"
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आपके अनुसार महिलाओं को एक मंनोरंजन या लेनदेन के सामान जैसा देखने की मानसिकता के पीछे का कारण क्या है ? आपके अनुसार महिलाओं को एक सुरक्षित समाज देने के लिए क्या किया जा सकता है ? और किसी तरह के बदसलूकी के स्थिति में हमें उनका साथ किस तरह से देना चाहिए ?
यौन उत्पीड़न हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है और बहुत से लोग इसका शिकार भी हो जाते हैं . हम समझते है की केवल साबधानी बरतने से ही ऐसे परिस्थितिओं को हमेशा नहीं टाला जा सकता है बल्कि सामाजिक बदलाव से ही इस समस्या को जड़ से ख़तम किया जा सकता है। ऐसे में , आप को क्या लगता है की किस तरह का बदलाव हमारे समाज को एक सुरक्षित और बेहतर समाज बनने में मदद कर सकती है ? और क्या केवल कड़े कानून लागु करने से ही यौन उत्पीड़न के शिकार हुए लोगो को इन्साफ दिलवाया जा सकता है ? यौन उत्पीड़न के शिकार हुए लोगो के प्रति वर्तमान में दिखने वाले सामाजिक प्रतिक्रियों पे आप का क्या राय है ?
हमारे समझ में आज भी यौन शोषण के बारे में एक अनचाही चुप्पी साध ली जाती है और पीड़ित व्यक्ति को ही कहीं न कहीं हर बात के लिए जिम्मेदर बना देने की प्रथा चली आ रही है। पर ऐसा क्यों है? साथ ही इस तरह के सामाजिक दबावों के अतिरिक्त और क्या वजह होती है जिसके लिए आज भी कई सारे यौन शोषण के केस पुलिस रिपोर्ट में दर्ज नहीं होते हैं ? समाज में फैले यौन शोषण के मानसिकता के लिए कौन और कैसे जिम्मेदार है ? और समाज से इस मानसिकता को हटाने के लिए तुरंत किन - किन बातों पर अमल करना जरुरी है ?
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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला झाँसी से विकेश प्रजापति , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि हमारा पर्यावरण बदल रहा है। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने का दुष्परिणाम हमलोगों को देखना पड़ रहा है। इसलिए इस बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पेड़ लगाएं पेड़ लगाने से भूमि का कटाव रुक जाता है। हमारी बादलों की स्थिति अधिक उत्पन्न होती है और बारिश अधिक होती है, इसलिए जितना हो सके उतने पेड़ लगाने की कोशिश करनी चाहिए। खुद को खुश रखने के लिए प्रकृति से जुड़े रहना चाहिए । हमने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की है। जलवायु परिवर्तन के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं, इसलिए हम सभी को वृक्ष लगाना चाहिए। वृक्ष लगाएं , जीवन बचाएं, यही हमारा परम कर्तव्य है, इस कर्तव्य को निभाना चाहिए । सरकार के द्वारा लगाए गए पेड़ों की रक्षा करना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला झाँसी से विकेश प्रजापति , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि वह दिन दूर नहीं जब अपने बेटों की शादी के लिए लड़की लाना मुश्किल हो जायेगा क्योंकि हम सभी जानते है कि भारत में महिला की जनसँख्या घट रही है। सरकार कहती है बेटी बचाओ बेटी बेटी पढ़ाओ तो बेटी पढ़ तो रही है लेकिन बेटी बच नहीं रही है
