"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू आलू की खेती के लिए मिट्टी का चयन और रोपाई से पहले खेत की तैयारी के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कृपाशंकर से साक्षात्कार लिया। कृपाशंकर ने बताया कि पैतृक सम्पत्ति में बेटी को अधिकार देने से परिवार में विषम परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसा होने से भाई - बहन के रिश्ते में दरार पैदा होगा और बहन का मायके छूट जाएगा। इनका विचार है कि बेटियों को ससुराल की संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए।रजिस्ट्री बैनामा में महिलाओं को ज्यादा छूट मिलेगा तो ज्यादातर लोग महिला के नाम से बैनामा करवाएंगे। यह महिलाओं के हित में होगा
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अतुल से साक्षात्कार लिया। अतुल ने बताया कि बेटा और बेटी एक पिता के ही संतान होते हैं। आज के समय में दोनों समान हैं। बेटी को सम्पत्ति में हिस्सा देंगे तो वो स्वावलम्बी बनेगी और उनका विकास होगा ।शादी के बाद यदि ससुराल में बेटी को परेशानी होती है या वो विधवा हो जाती है,तो इस परिस्थिति में पिता की सम्पत्ति से अपनी आजीविका चला सकती है
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पैतृक सम्पत्ति में बेटी को बेटा के बराबर एक समान अधिकार मिलता है। कानून के अनुसार बेटी के विवाह के बाद भी बेटी को पैतृक सम्पत्ति में अधिकार है। माता - पिता यदि बेटी को सम्पत्ति के अधिकार से बेदखल करते हैं तो उनको कोर्ट जाने का अधिकार है
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सचिन शुक्ला से साक्षात्कार लिया। सचिन शुक्ला ने बताया कि बेटा और बेटी एक पिता के ही संतान होते हैं। आज के समय में दोनों समान हैं और दोनों में कोई अंतर नही है। लड़कियां जीवन के हर क्षेत्र में लड़कों से आगे बढ़ रही हैं। पिता को अपनी पैतृक सम्पत्ति में दोनों को समान अधिकार देना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से निधि वर्मा से बातचीत की।निधि वर्मा का कहना है कि बेटियों को भी पैतृक सम्पति में इससे मिलना चाहिए, क्योकि बेटा और बेटी दोनों एक समान है। आज के समय में बेटियाँ भी बेटो से कम नहीं है। आज के समय में बेटियाँ हर तरह के काम कर रही है। बेटियों को उनके पति के संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। अगर बेटे माता पिता का ध्यान अच्छे से नहीं रख रहे है , तो बेटियाँ पैतृक संपत्ति में हिस्सा ले सकती है।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीरनगर से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मोबाइल वाणी पर महिला संपत्ति अधिकार पर आधारित कार्यक्रम चलाया जा रहा है और, इसके बारे में लोगों से पुछा भी जा रहा है। कुछ लोगो को कहना है , की महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोगो का कहना है,की उन्हें संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीरनगर से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि, हमारे माता पिता हमारा साथ छोड़ सकते है, लेकिन वृक्ष हमारा साथ कभी नहीं छोड़ते। इसलिए हमें पौधे लगाना चहिये और पर्यावरण को साफ़ और सुरक्षित बनाने के लिए भी हमें पेड़ लगाने चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रामसज्जन से बातचीत की। रामसज्जन का कहना है कि लोग अपने भाई से संतुष्ट नहीं रहते है,तो बहन से कैसे रहेंगे ? दोनों जगह से संपत्ति में अधिकार लेने से भाई बहन के रिश्ते में दरार आ सकता है। इससे समस्याएं आ सकती है
जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें।
