उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मानसिक विकार के रोगी के लिए सरकार को जगह जगह इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए।सामान्यतः मानसिक चिकित्सक या अस्पताल बहुत दूर रहता है।इस वजह से लोग इलाज नही करवा पाते और अंधविश्वास में फंस जाते हैं। समय पर रोगी का इलाज हो जाए तो वह ठीक हो सकता है

हमारे समझ में आज भी यौन शोषण के बारे में एक अनचाही चुप्पी साध ली जाती है और पीड़ित व्यक्ति को ही कहीं न कहीं हर बात के लिए जिम्मेदर बना देने की प्रथा चली आ रही है। पर ऐसा क्यों है? साथ ही इस तरह के सामाजिक दबावों के अतिरिक्त और क्या वजह होती है जिसके लिए आज भी कई सारे यौन शोषण के केस पुलिस रिपोर्ट में दर्ज नहीं होते हैं ? समाज में फैले यौन शोषण के मानसिकता के लिए कौन और कैसे जिम्मेदार है ? और समाज से इस मानसिकता को हटाने के लिए तुरंत किन - किन बातों पर अमल करना जरुरी है ?

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उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से राम प्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज कल पारिवारिक कलह एवं घरेलू बातों को लेकर लोग तनाव में रहते हैं और चिड़चिड़ेपन का शिकार हो रहे हैं।तनाव से छुटकारा पाने के लिए सुबह में टहलना चाहिए।व्यायाम करना चाहिए।ज्यादा नही सोचना चाहिए।ज्यादा सोचना हानिकारक होता है

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जिन व्यक्ति का दिमागी संतुलन ठीक नही होता है उन्हें सामज में बहुत दिक्कत होती है।घरेलू उलझन या किसी प्रकार का प्रेशर के होने पर व्यक्ति तनाव में आ जाता है और अपना दिमागी संतुलन खो देता है।यदि किसी व्यक्ति की ऐसी अवस्था हो तो उसे चिकित्सक के पास जाना चाहिए और उचित इलाज करवाना चाहिए

क्या आपके जीवन में कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई हैं ?आपके के हिसाब से इस तरह की परिस्थिति में अपने आपको तनाव मुक्त रखने के लिए क्या करना चाहिए ? और घर में नशे के कारण झगड़ों से बच्चो पर क्या प्रभाव पड़ता है? और उन्हें इस तरह के परिस्थिति से दूर रखने के लिए माता पिता को क्या करना चाहिए ?

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आजकल के भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपना मानसिक संतुलन लोग खो बैठते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। जैसे - कोई भी काम आराम से करें। दिमाग पर ज्यादा दबाव ना डालें।नियमित व्यायाम करें।दिमागी असंतुलन जीवन को बर्बाद कर देता है। जरुरत पड़ने पर रोगी को चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू जानकारी दे रहें हैं धान के बिचड़ा को कैसे तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि सारा बिचड़ा एक ही दिन में तैयार नहीं करना चाहिए, बिचड़ा को तैयार करने के लिए क्रमबद्ध तरीक़ा के साथ साथ मौसम का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए .

क्या आपने कभी ऐसा कुछ महसूस किया है या ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हैं जिन्होंने ऐसी स्थिति का सामना किया है ?ऐसी परिस्थिति में आपको क्या लगता है कि आपके सबसे नज़दीकी रिश्तों को बनाएं रखने में और किस तरह का मदद उपयोगी हो सकते हैं

आपको क्या लगता है लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर क्यों बात करना नहीं चाहते और चुप रहते हैं ?क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है की आपने अपनी मन की बात किसी को समझाने की कोशिश की पर सामने वाला उसे समझ न पाया हो ?आपको क्या लगता है, क्यों मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुल कर बात करने से लोग अभी भी कतराते हैं?