उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि समाज में महिलाएं बहुत आगे हैं और कंधे से कन्धा मिला कर चल रही है। उनको सपोर्ट की जरूरत है
दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को समानता का अधिकार दिया जा रहा है लेकिन वह संपत्ति के अधिकार के मामले में पीछे हैं । समाज में जागरूकता और शिक्षा का आभाव है।जिसके कारण उनको संपत्ति में अधिकार नहीं मिल पा रहा है
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि सरकार द्वारा महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने के लिए जगह जगह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को यह बताया जा रहा है कि महिलाओं का स्तर पुरुषों के समान बढ़ रहा है। जब तक महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं मिलेगा तब तक महिलाएं पुरुष के समान समानता का अधिकार नहीं प्राप्त कर सकती हैं। महिलाओं को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। इसलिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए ताकि महिला जागरूक हो सके और अपने हक़ के लिए लड़ाई लड़ सके
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ ज्यादातर महिलाएं किसानी में लगी हुए हैं। लेकिन उन्हें संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाता है। सरकार तो महिला और पुरुष की समानता का अधिकार देने की बात करती है।परन्तु समाज में अभी भी महिलाएं पीछे हैं। जागरूकता की कमी और अशिक्षा महिलाओं को समाज में आगे नही बढ़ने देती है।साथ ही वो अपने अधिकार से वंचित रह जाती हैं।सर्वे के दौरान महिलाओं का कहना था कि जब-तक उनको संपति का अधिकार नहीं दिया जाएगा तब-तक बराबरी का दर्जा कैसे प्राप्त होगा ?वहीं कुछ लोगों के अनुसार सम्पत्ति का अधिकार देने से महिला और पुरुष में वैमनस्यता पैदा होगी।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को खेती में भागीदारी पुरुषों से ज्यादा है। महिलाएं सशक्त तभी मानी जाएँगी जब उनको पुरुष के बराबर अधिकार दिया जाए। महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए पुरुषों को आगे आना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मोबाइल वाणी महिलाओं को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। सरकार तो कहती है की महिलाओं को समानता का अधिकार दे दिया गया है महिलाएं पुरुष के समान लेकिन देखा जाए तो उन्हें उनके पास समपत्ति का अधिकार नहीं है जब तक संपत्ति का अधिकार नहीं होगा तब तक महिलाएं पुरुष के बराबरी हिस्से में कहाँ आ पाएंगे इसके लिए महिलाओं को भी अपने हथ की लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्हें शिक्षित और जागरूक होना चाहिए।
कुल मिलाकर, महिलाओं के लिए संयुक्त स्वामित्व सिर्फ़ काग़ज़ी नियम नहीं है, बल्कि समाज को बदलने का एक मज़बूत ज़रिया है। यह महिलाओं को मज़बूत बनाता है, परिवार में संतुलन लाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बराबरी की एक अच्छी मिसाल पेश करता है। महिलाओं को ज़मीन और संपत्ति में बराबर हक़ देना एक बेहतर और न्यायपूर्ण समाज की ओर बड़ा कदम है। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- क्या आपके परिवार की ज़मीन या घर महिलाओं के नाम पर भी संयुक्त रूप से दर्ज है? *--- अगर नहीं, तो क्या आप संपत्ति में बेटियों और बहुओं को बराबर अधिकार देने पर विचार करेंगे? *--- क्या आप मानते हैं कि महिलाओं को ज़मीन का अधिकार मिलने से परिवार ज़्यादा सुरक्षित और मज़बूत होता है? *--- क्या अगली पीढ़ी को बराबरी की सीख देने के लिए आप संयुक्त स्वामित्व अपनाना चाहेंगे?
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई महिलाओं का कहना है कि उनको संपत्ति में अधिकार चाहिए और कई महिलाओं का कहना है कि महिलाओं को जमीन में हक़ नहीं मिलना चाहिए। महिला शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण जमीन में अधिकार पाने से वंचित रह जाती हैं। लोगों को जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए ताकि उनको जमीन में अधिकार मिल सके
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई महिलाओं का मानना है कि महिलाओं को जमीन में अधिकार देना उचित नहीं है और कुछ महिलाओं का कहना है कि उनको पैतृक संपत्ति में नहीं बल्कि पति के संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं का कहना है कि जब तक उनको संपत्ति में अधिकार नहीं मिलेगा तो उनको सम्मान नहीं मिलेगा।अशिक्षा के कारण भी महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं मिल पाता है
