उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से डाक्टर निरज शुक्ला से बातचीत की।बातचीत में उन्होंने बताया की महिला अधिकार बहुत जरुरी है। महिला अधिकार से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और व्यापार, महिलाएं अपने पैरो पर खड़ा हो सकती है । महिलाओं को घरेलु हिंसा से राहत मिल सकता है। पैतृक संपत्ति में महिलाओं को हिस्सा स्थिति के अनुसार से मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनेश चौरसिया से साक्षात्कार लिया। दिनेश चौरसिया ने बताया कि महिलाओं को पुरुषो के बराबर का ही अधिकार देना चाहिए। आज हर क्षेत्र में कोई भी महिला पुरुषो से कम नहीं है, वो पुरुषो के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर चल रही है। अगर सरकार चाहती है तो महिलाओं को भी संपत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए। इससे भाई बहन के रिश्ते में दरार नहीं होगा, क्योंकि जैसे बहन को हिस्सा मिल रहा है, उसी प्रकार भाई की पत्नी भी अपने पैतृक संपत्ति में हिस्सा पाएंगी।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से डाक्टर ब्रिजलाल जी से बातचीत की।बातचीत में उन्होंने बताया की महिला अधिकार बहुत जरुरी है। महिला अधिकार से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और व्यापार जैसे क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। शिक्षा से ही महिलायें आगे बढ़ेंगी। पैतृक संपत्ति में महिलाओं को हिस्सा मिलना चाहिए। महिलाओं को एक जगह हिस्सा लेना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनेश प्रताप सिंह से साक्षात्कार लिया। दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाओं को मायके में पैतृक सम्पत्ति में अधिकार नही मिलना चाहिए। सम्पत्ति बंटवारे को लेकर भाई - बहन के रिश्ते ख़राब हो सकते हैं। बहुओं को सम्पत्ति का अधिकार मिलना चाहिए बेटियों को नही मिलना चाहिए ।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लोगों को 'अपनी जमीन अपना अधिकार' कार्यक्रम पसंद आ रहा है और इसकी सराहना की जा रही है। क्योंकि जिस तरह से मोबाइल वाणी पर महिलाओं के संपत्ति अधिकारों पर चर्चा की जाती है, इस पर क्षेत्र के लोगों की अलग-अलग राय है। कुछ लोगों का कहना है कि संपत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए। कुछ लोग कहते हैं कि संपत्ति का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। कुछ महिलाएं खुद संपत्ति का अधिकार नहीं लेना चाहती हैं ।इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएं जागरूक हो रही हैं और अपने अधिकार की लड़ाई के लिए आगे आ रही हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राधेश्याम से साक्षात्कार लिया। राधेश्याम ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार नही देना चाहिए। सम्पत्ति बंटवारे को लेकर भाई - बहन के रिश्ते में दरार आ सकता है। महिलाओं को सम्पत्ति अधिकार से दूर रखना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से विजय चौधरी से साक्षात्कार लिया। विजय चौधरी ने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए ,क्योंकि इससे भाई बहन के रिश्ते में दरार आ सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की पुरुष वर्ग आज भी महिलाओं को उनके हक़ दिलाने में पीछे रहते है। पुरुष वर्ग महिलाओं को समाज में लाना नहीं चाहते है। महिलाओं को तमाम प्रकार का शोषण किया जाता है। महिलाओं को अपने घरो से भी नहीं निकलने देना चाहते है
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की महिला समाज के लोगों का कहना है कि हम संपत्ति के अधिकार नहीं चाहते हैं क्योंकि संपत्ति के अधिकार लेने से से भाई-बहन के रिश्ते में दरार आएगी। वही पुरुष वर्ग का कहना है कि अगर महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाता है, तो भाई-बहन के रिश्ते में खटास आएगी। अगर सरकार महिलाओं को पुरुषों के समान हिस्सा देने की बात करती है, तो महिलाओं को तब तक सशक्त नहीं किया जा सकता, जब तक कि महिलाओं को हर हिस्से में पुरुषों के समान भागीदारी नहीं होगी। इसलिए एक सशक्त महिला होने के लिए महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देना उचित है। शिक्षा के आभाव में महिलायें यह नहीं जान पा रही है कि संपत्ति का अधिकार मिलने से लाभ होगा या हानि। लेकिन एक जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है कि महिलाओं को भी शिक्षित किया जाए और एक शिक्षित समाज तभी बनेगा जब वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से झुंझुन से साक्षात्कार लिया। झुंझुन ने बताया कि इनके तीन भाई और तीन बहन हैं। भाई निकम्मेऔर नालायक हैं। ऐसे में ये और इनकी बहनें अपने पैतृक सम्पत्ति में अधिकार लेना चाहती हैं। अगर आसानी से भाई हिस्सा दे देंगे तो ठीक है वर्ना झुंझुन कानून का सहारा लेंगी। जैसे भाई माँ के कोख से पैदा हुए हैं वैसे ही ये भी हुई हैं।इस प्रकार दोनों में कोई भेद नही है इनका भी हिस्सा बनता है।
