उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन आज कबिनगर जिले में होगा। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि इस समय लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव जोरों पर है। आज संत कबीर नगर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव धनघाटा पहुंच रहे हैं और यहां मौजूद लोगों तक पहुंचेंगे। वह लोगों को संबोधित कर रहे हैं और उनसे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पु निकत को जीतने और समाजवादी विचारधारा का समर्थन करने का आग्रह करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री लोगों को जागरूक करने के लिए आज सुबह करीब 11 बजे यहां पहुंचेंगे।

इस समय मौसम भी अपने सबसे खराब चरम पर है। आप कह सकते हैं कि यह बहुत तेज है, इस समय तैंतीस अंक, कुछ मौसम पाया गया है, लोग बाहर नहीं गए हैं। अधिक से अधिक लोग बाहर जा रहे हैं और घरों में रह रहे हैं। सड़कों पर पेड़ न होने के कारण छांव नहीं है। गर्मी से लोग परेशान हैं। और नल तालाब पोखारा कुआँ आज लगभग 85 प्रतिशत सूख गया है। ऐसा हो गया है कि लोग पैदल ही गांठों के नीचे पानी बन गए हैं, लोग इस तरफ से उस तरफ जा रहे हैं। सूरज इतना तेज है कि ऊपर का पानी उसके किनारे पर है। वह बह रहा है, वह सूख रहा है और उसी तरह मानव शरीर के अंदर हर व्यक्ति के अंदर पसीने के रूप में जो भी पानी निकल रहा है, उससे लोग भी परेशान हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मनरेगा के तहत किए जा रहे वृक्षारोपण के काम सराहनीय है

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के मुद्दे पर अपने विचारो को व्यक्त किया

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से महिलाओ के अधिकार के बार में चर्चा कर कर रहे है

संत कबीर नगर मोबाइल वाणी में आपका स्वागत है मैं आपको बता दूं कि सरकार गरीबों के लिए मनरेगा योजना चलाती है। लेकिन सरकार के ऊपर से नीचे तक मनरेगा योजना में लगे लोग इसे लूटने में लगे हुए हैं। इस योजना के तहत एक सौ बावन सौ तक श्रमिक कागजों में काम करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक दर्जन भी श्रमिक नहीं हैं। लेकिन अगर रोगियों और मजदूरों की संख्या देखी जाए तो कागज पर दो सौ पच्चीस सौ मजदूर काम कर रहे हैं, यह सोचने पर मजबूर हैं कि प्रशासन इस पर गौर क्यों नहीं कर रहा है। आखिरकार, इस धूप और गर्मी में मनरेगा योजना के लाभ कागज पर चल रहे हैं या वास्तव में जमीन पर हैं। आपको बता दें कि जाँच में यह पाया गया कि मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा अधिकांश काम जे. सी. बी. या अन्य माध्यमों से किया जा रहा है, जबकि मनरेगा मजदूरों को छीन रही है। मनरेगा श्रमिक मजदूरी और कागजों में काम कर रहे हैं, लेकिन लोग राज्य से बाहर पलायन कर रहे हैं, यही मुख्य कारण है कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

नमस्ते, मैं केशी चौधरी हूँ, आप मोबाइल वाणी संत कबीर नगर सुन रहे हैं। वर्तमान में, चिलचिलाती धूप और गर्मी की लहर जारी है जिसके कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार हर साल कहती है कि अमृत सरोवर का निर्माण कार्य हो रहा है, लेकिन अमृत सरोवर में पानी की एक बूंद भी नहीं है। और पक्षी धीरे-धीरे पानी की तलाश में गाँव की ओर पलायन कर रहे हैं। गाँव भाग कर पीने के लिए मजबूर, अब इस झील का मतलब समझ में नहीं आ रहा है कि जब पानी नहीं होगा, तो और पक्षी पानी नहीं पा सकेंगे। तो अमृत सरोवर के निर्माण का क्या लाभ है संत कबीर नगर जिले में अक्सर देखा जाता है कि केवल पांच प्रतिशत तालाबों और तालाबों में पानी है और

आप सुन रहे हैं कि मोबाइल वाणी संत कबीर नगर। मच्छरों का संक्रमण, मच्छरों के कारण लोगों में बहुत समस्या हो रही है, सरकार एक तरफ कहती है। कि मच्छरों के प्रकोप के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन वह हवा हवा में बहने वाली साबित हो रही है। मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए, केवल एक ही सहारा है। गाँव के गलियारों में नालियों की सफाई नहीं की गई तो लोगों की जान बचेगी, जिससे मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए रोगियों को मच्छरों का शिकार होना पड़ता है। सरकार कुछ भी छिड़काव नहीं कर रही है, इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए। हो सकता है, लेकिन मच्छर विकर्षक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण मच्छर लोगों की नींद उड़ा रहे हैं।

संत कबीर नगर जिले में रोगियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों टीवी अस्पताल में एक हफ्ते से इस बीमारी की दवा उपलब्ध नहीं है। हर दिन दो दर्जन से अधिक मरीज दवा के लिए अस्पताल में परेशान हो रहे हैं। सी. एम. ओ. ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक की और दवाओं की खरीद के निर्देश दिए। जिले में उन्नीस सौ बत्तीस टीवी मरीज सक्रिय हैं। ये मरीज सरकार से भी मुक्त हैं। अस्पताल में इलाज के लिए ट्रीटमेंट टीवी दिया जाता है, लेकिन जो मरीज इन दिनों दवा लेने अस्पताल जा रहे हैं, उन्हें दवा नहीं मिल पा रही है। अब उन्हें जिले में वापस जाना है। जिला अस्पतालों में टीबी रोगियों के लिए दवा उपलब्ध नहीं है, जिससे रोगियों को परेशानी हो रही है।

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