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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से सरोज चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कई समाज पारंपरिक रूप से महिलाओं को भूमि के मालिक के रूप में मान्यता नहीं देते हैं। महिलाओं को भूमि अधिकार देने में सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाएं हो सकती हैं। कुछ देशों में महिलाओं के भूमि अधिकारों के बारे में कानून स्पष्ट नहीं हैं। कई महिलाओं को अपने भूमि अधिकारों के बारे में पता नहीं है, जो उन्हें महिलाओं के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग करने से रोकता है और भेदभावपूर्ण हो सकता है। प्रमाणन के लिए मजबूत संस्थागत समर्थन की कमी हो सकती है। इन बाधाओं के बावजूद, विभिन्न नीतिगत सुधारों और सामाजिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं की भूमि में वृद्धि हुई है।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए ,आगे के समय में दिक्कत हो सकती है ।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। जिससे महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सके और समाज में उनका भी मान सम्मान हो सके

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के. सी. चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि दूषित पानी पीने के लिए लोग मजबूर हो रहे हैं सरकार द्वारा गांव में हैंडपंप लगाए जा रहे हैं लेकिन हैंडपंप पर अक्सर देखने को मिल रहा है वहां दुसित पानी मिलता है। दुसित पानी मिलने के चलते वहां निशान भी लगाया जाता है लेकिन व्यवस्था अभी भी वही है कि अधिकारी और कर्मचारी निशान लगाकर गायब हो रहे हैं। नल की स्थिति और दिशा में अभी तक सुधार नहीं हुआ है। गाँव वालों का कहना है कि गाँव में अब जो पानी की टंकी लगाई जा रही है, वह भी लगभग दो साल से इस स्थिति में पड़ा हुआ है, अपूर्णता के कारण पानी की आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। अक्सर ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार को व्यवस्था नहीं करनी थी, तो नल पर निशान क्यों लगाया गया?

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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अनंत कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं को सभी अधिकार मिलना चाहिए अभी की महिलाएं हर क्षेत्र में सबसे आगे हैं चाहे वह शिक्षा हो या नौकरी।

सारण से अजय कुमार की रिपोर्ट।।जीरो डोज और नियमित टीकाकरण के सुदृढ़ीकरण को लेकर आशा और मोबलाइजर के प्रशिक्षण के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित: जिला स्तरीय पदाधिकारियों सहित डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और यूएनडीपी के अधिकारी हुए शामिल: नियमित टीकाकरण के दौरान आने वाली चुनौतियों और समस्या के समाधान से संबंधित कर्मियों के साथ की गई चर्चा: नियमित टीकाकरण को शत प्रतिशत कराने में स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता वर्धन और कौशल विकास करना अतिआवश्यक: सिविल सर्जन प्राथमिकता के आधार पर टीकों से वंचित रहने वाले बच्चों कि पहचान करना और घर तक पहुंच बनाकर नियमित टीकाकरण करना मुख्य उद्देश्य: डीआईओ छपरा, 15 जुलाई। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जीरो डोज वाले बच्चों की संख्या को कम से कम करने और नियमित टीकाकरण के प्रतिशत को बढ़ाने को लेकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा तेलपा और मासूमगंज सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और सामुदायिक स्वास्थ्य उत्प्रेरक सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मियों को प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) का आयोजन सदर अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम स्कूल के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ताकि यह सभी अधिकारी अपने - अपने क्षेत्र की आशा फैसिलिटेटर और आशा कार्यकर्ताओं को जीरो डोज को शत प्रतिशत पूरा कर नियमित टीकाकरण अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों द्वारा जिले में नियमित टीकाकरण का प्रतिशत लगभग 89% से बढ़ाकर 95% तक लाने में अपनी सहमति जताई गई। साथ ही कार्यशाला के दौरान नियमित टीकाकरण के दौरान आने वाली परेशानियों और उसके समाधान के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ चंदेश्वर प्रसाद सिंह, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ भूपेंद्र कुमार, डीपीएम अरविंद कुमार, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ रंजितेष, यूनिसेफ की एसएमसी आरती त्रिपाठी, यूएनडीपी के वीसीसीएम अंशुमान पाण्डेय और सिफार के धर्मेंद्र रस्तोगी के अलावा जिले के सभी एमओआईसी, बीएचएम और बीसीएम शामिल थे। नियमित टीकाकरण को शत प्रतिशत कराने में स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता वर्धन और कौशल विकास करना अतिआवश्यक: सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि नियमित टीकाकरण के प्रतिशत को शत प्रतिशत करना है। जिसको लेकर जिले के सभी प्रखंडों से आए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम और बीसीएम के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान बताया गया कि नियमित टीकाकरण के प्रतिशत को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं का नियमित रूप से बैठक और प्रखंड स्तर से नियमित रूप से अनुश्रवण और मूल्यांकन कर ड्यू लिस्ट की गहनता पूर्वक जांच करना है। क्योंकि नियमित रूप से निगरानी करने के बाद ही नियमित टीकाकरण के प्रतिशत को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थान स्तर पर माइक्रो प्लान के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता निर्माण और कौशल विकास करना भी अतिआवश्यक है। जिसको लिए जीरो डोज और नियमित टीकाकरण के सुदृढ़ीकरण को लेकर आशा और मोबलाइजर के प्रशिक्षण के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्राथमिकता के आधार पर टीकों से वंचित रहने वाले बच्चों कि पहचान करना और घर तक पहुंच बनाकर नियमित टीकाकरण करना मुख्य उद्देश्य: डीआईओ जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ चंदेश्वर प्रसाद सिंह ने प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) को संबोधित करते हुए कहा कि रूटीन इम्यूनाइजेशन एजेंडा- 2030 के अनुसार जीरो डोज वाले बच्चों कि संख्या को कम से कम करने और इसके लिए प्रत्येक लाभार्थियों तक पहुंच और सभी बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण किस प्रकार से किया जाए, इसको लेकर स्वस्थ विभाग की ओर से आशा फेसिलेटेटर सहित कई अन्य कर्मियों के साथ यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जीरो डोज वाले बच्चा से तात्पर्य यह है कि वैसे बच्चे जो क्षेत्र के विभिन्न चयनित टीकाकारण सत्र स्थलों तक नहीं पहुंच पाते हैं। हालांकि यह वहीं बच्चे हैं जो नवजात शिशु होते हैं जिन्हें पेंटावेलेंट की पहली खुराक 6 सप्ताह की उम्र में दी जाती है, लेकिन किसी कारणवश नहीं ले पाते हैं। क्योंकि ऐसे बच्चे आगे चलकर सभी टीकों से वंचित रह जाते हैं। उन बच्चों कि पहचान करना, उनके घर तक पहुंचना और उनको भी नियमित टीकाकरण से आच्छादित करना है।

सरकारी राशन के दुकानदार पर अनियमितता की शिकायत पर पहुंचे सप्लाई इन्स्पेक्टर ग्रामीणों से लिया फीडबैक रिपोर्ट को शासन को भेजें जाने की कही बात। बेलहर विकास खण्ड क्षेत्र ग्राम पंचायत रमवापुर में सरकारी राशन की दुकान पर राशन घटतौली समय पर राशन ना देना आदि समस्याओं को लेकर शिकायत विरेन्द्र गुप्ता समेत आदि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल एवं तहसील समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराया था इसी जांच में सप्लाई इंस्पेक्टर अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ गांव में पहुंचकर ग्रामीणों का बारी बारी से बयान दर्ज कराया।इस दौरान ग्रामीण विरेन्द्र गुप्ता,रामजीत, मन्नू यादव, समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।इस बारे में पूछे जाने पर सप्लाई इन्स्पेक्टर अभिषेक ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर टीम रमवापुर में पहुंची थी ग्रामीणों का बयान दर्ज कराया गया है शासन को रिपोर्ट भेजा जायेगा।जैसा निर्देश आयेगा कारवाई की जायेगी।