उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवासीत्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि बरसात के मौसम मे पेड़ पौधे जरूर लगाएं। मनरेगा में बरसात के महीनों में वृक्षारोपण का काम ऐसा इसलिए किया जाना चाहिए क्योंकि जब हमारी पृथ्वी बारिश से गीली होती है, तो उसके अंदर नमी आ जाती है और जो भी पेड़ और पौधे नमी में लगाए जाते हैं, वे सूख नहीं जाते हैं और जल्दी नहीं बढ़ते हैं। पौधे उगने लगते हैं और इसलिए बरसात के महीनों में मल्चिंग के तहत होते हैं। आप जो भी पेड़ लगाना चाहते हैं, चाहे वह फलों का पेड़ हो या हरा पेड़ जो सही वातावरण देता है, वह बारिश के महीने में लगाया जाना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवासीत्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि मनरेगा का अधिकांश काम बरसात के महीनों में बहुत तेजी से किया जाता है। इसका कारण यह है कि जहाँ तक मैं समझता हूँ, मनरेगा का काम बरसात के मौसम में तेजी से होता है। डॉ. पोखरे आदि पटाई हैं। खुदाई ज्यादातर जून-जुलाई के महीनों में की जाती है क्योंकि बारिश से खेतों में नमी आती है, जिससे खुदाई करना आसान हो जाता है। लेकिन इससे नुकसान भी होता है। बारिश तेज हो जाती है। सारी मिट्टी, चाहे वह चाक हो, कंकड़ हो, या तालाब हो, तेजी से बढ़ती है क्योंकि ताजा खुदाई होती है। जिस तरह से मिट्टी बैठनी चाहिए वह बैठने में सक्षम नहीं है। अर्थात्, जहाँ लाभ होता है, वहाँ उससे अधिक नुकसान होता है, सब कुछ बराबर हो जाता है, इसलिए मैं मंगलबाड़ी के माध्यम से अपील करता हूँ कि यह बारिश से पहले किया जाए।
उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए कहती है, लेकिन यह आरक्षण केवल कागज पर रहता है महिला आरक्षण के कारण इस समय महिलाओं की संख्या बहुत अधिक है। ग्राम प्रधानों की नियुक्ति की गई है लेकिन उनका पूरा काम उनके पति करते हैं। महिलाओं को यह भी नहीं पता कि उनके क्षेत्र में कितना विकास हो रहा है। इसलिए सरकार का दावा है कि महिलाओं को जो लाभ मिल रहे हैं, वे मिल रहे हैं, लेकिन यह महिलाओं को मिलने वाले लाभों को सीमित करती है। यह देखा जाता है कि जहाँ भी कोई बैठक होती है, पति पत्नी के स्थान पर बैठता है और उसकी बैठक में भाग लेता है।
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उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि आज भी महिलाएं घर पर रहती हैं और उन्हें वेतनमान नहीं मिलता है। महिलाएँ घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं, कामकाजी महिलाओं को पैसे की ज़रूरत होती है, लेकिन घर पर रहने वाली महिलाओं को इसकी ज़रूरत नहीं होती है। जिससे महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी चुनावी घोषणाओं में जो कुछ भी कहा, वह महिलाओं को मिलना चाहिए। वेतनमान बहुत अच्छा रहेगा क्योंकि आज महिलाएं अभी आत्मनिर्भर नहीं हो पा रही हैं। सरकार का कहना है कि महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं, लेकिन यह केवल कागजों पर है।
उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि संत कबीर नगर में इसका असर देखने को मिल रहा है कि दोपहर में धूप और गर्मी से आम लोग परेशान हैं। लोग छाया की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। जगह-जगह पीने के पानी के लिए जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे गलत साबित हो रहे हैं। अक्सर यह देखा गया कि सामाजिक कार्यकर्ता भी ब्लॉक परिसरों और पहाड़ियों के अन्य चौराहों पर आगे नहीं आ रहे हैं। कहीं पीने के पानी की व्यवस्था होती थी, अक्सर समाज के सेवक अपनी घोषणाओं में कहते थे कि हम गर्मियों में पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं। चौराहों पर ऐसी व्यवस्था नहीं दिखाई देती है,
उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि जल जीवन है लेकिन पानी के संचय का अक्सर लोग दुरुपयोग करते पाए जाते हैं। संत कबीर नगर में यह देखा जा रहा है कि सरकार एक तरह से जल संरक्षण प्रदान कर रही है। अमृत सरोवर के गड्ढों और तालाबों को खोदने के लिए योजनाएं चलाई जाती हैं लेकिन आज गड्ढों और तालाबों में पानी की एक बूंद भी नहीं है। अमृत सरोवर और गड्ढों की खुदाई पर खर्च होता है, लेकिन वहां पानी की एक बूंद भी नहीं बची है।
उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि संत कबीर नगर में छठे चरण के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।लगभग बावन प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि कुछ मतदान केंद्रों पर दिन भर अफवाहें उड़ती रहीं कि कुछ कैप्चरिंग या मशीन में खराबी थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने संत कबीर नगर के बेल्हा थाना क्षेत्र के मंझरिया पठान में वोट डालने आई एक अधेड़ उम्र की महिला की मौके पर ही मौत हो गई। संत कबीर नगर से भाजपा उम्मीदवार प्रवीण कुमार निसार ने कहा कि परिवार उन्हें अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं बहुजन समाज पार्टी के नदीम अशरफ और सपा के लक्ष्मीकांत पप्पु नासद अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन देखा गया कि यहां सपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। समय बताएगा कि चौथी तारीख को यहां कौन सांसद बनेगा।
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