उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं को भी संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। अशिक्षित महिला अपने अधिकारों को नहीं जान पाती है।

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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से सरोज चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि लैंगिक असमानता हमारे समाज के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। महिलाओं को अक्सर शिक्षा स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के क्षेत्र में भेदभाव का सामना करना पड़ता है। लेकिन लड़कियों को दुर पढ़ने में हम लोग ही बाधा बनते हैं

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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से सरोज चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि महिलाओं को आज़ादी का अधिकार है। संविधान में महिलाओं को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार दिया गया है। महिलायें संगठन कर सकती हैं और शांतिपूर्वक सम्मलेन भी कर सकती हैं। उन्हें देश में कहीं आने जाने का अधिकार है। गांव में महिलाओं को चार दीवारी में रखा जाता है उन्हें बाहर जाकर काम नहीं करने दिया जाता। उन्हें घर के ही काम काज सौंप दिया जाता है जैसे पशुओं को हल उतारना उनकी गंदगी उठाना साफ सफाई करना आदि। परन्तु संविधान के अनुसार महिलायें बाहर जाकर काम काज कर सकती हैं

संतकबीरनगरः ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर गांव में बिजली लगवाई जाने की मांग की , विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर लगाए जाने के स्वीकृति के बाद भी विभाग की लापरवाही का लगाया आरोप, बघौली ब्लाक क्षेत्र के बालू शासन गांव के निषाद बस्ती का मामला.

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि पहले लड़के लड़कियों में भेदभाव किया जाता था लेकिन आज ऐसा नहीं है अब लड़का और लड़कियाँ दोनों पढ़ाई लिखाई करते हैं.सभी जगह समानता का अधिकार मिल रहा रहा है। लड़कियों के अंदर अधिक से अधिक पैसे कमाने और बचाने की छमता होती है।जबकि पुरुषों में पैसे बचाने की छमता कम पायी जाती है। अभी कुछ क्षेत्रों जहां भाग दौड़ करना होता है वहाँ लड़के ही करते हैं लेकिन पढ़ाई के क्षेत्र में दोनों बराबर हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं के लिए संपत्ति का अधिकार जरूरी है। संपत्ति का अधिकार महिलओं को नहीं रहेगा तो उनके लिए काफी दिक्कत होती है। जैसा की संविधान में भी लागु किया गया है कि महिलाओं को भी संपत्ति का अधिकार मिले। सरकार द्वारा लागू किया गया है लेकिन कुछ बाधाएं आ रही हैं। इसके चलते महिलायें अपने संपत्ति के अधिकार से वंचित रह रही हैं। आगे पीछे देखा जायें तो कमियां नज़र आ जाती हैं। शिक्षा की कमी के कारण महिलायें अपने अधिकार के बारे में नहीं जानती हैं। जबकि महिला ही देश की वह कर्णधार हैं जो एक बच्चे को जन्म देती हैं और वह बच्चा देश का नागरिक होता है और देश पर शासन करता है।लेकिन उसकी माँ को यह जानकारी नहीं होती की उनका क्या अधिकार है। महिलायें जब सशक्त होगी तभी वे एक सशक्त बच्चे को जन्म देंगी। और देश आगे बढ़ेगा ।

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