उतर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से राम प्रकश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की उन्हें राजीव की जागरूकता के माध्यम से ही महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में पता चलेगा

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उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की समाज में महिलाएं लैंगिक असमानता की शिकार हैं महिलाओं को भी संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए।महिलाओं के अधिकारों का हनन नहीं किया जाना चाहिए, तभी वे समाज में आगे बढ़ सकेंगी

संतकबीरनगरः सूफी संत महान कवि कबीर दास जहां विश्व भर से उनके अनुयायी आकर शीश झुकाते हैं विकास के लिए पहल शुरू की गई ,जिला अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जनपद संत कबीर नगर के मगहर कबीर चौराहे पर संत निवास और मेडिटेसन सेंटर का निर्माण कराए जाने के संबंध में प्रस्ताव एवं प्रारंभिक आगणित धनराशि रुपया 1447.19 लाख का पुरातत्व विभाग, संस्कृतिक मंत्रालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ को प्रेषित किया गया । जल्द यहां आने वाले लोगों को सुविधाएं मिलेंगी।

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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जल ही जीवन है इसलिए जल सुरक्षित रखना चाहिए व्यर्थ में जल नहीं बहाना चाहिए। हमेशा जल को बचाना चाहिए। कहीं कहीं अस्पतालों में जल की व्यवस्था नहीं होती है वहॉँ पानी खरीद कर पिया जाता है। इसलिए हमे पानी सुरक्षित रखना चाहिए। पहले के लोग कुआ से पानी लाते थे तो उसे सुरक्षित रखते थे। लेकिन अब लोग नल का पानी पीते हैं और व्यर्थ में बहाते हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहिए क्यूंकि महिलायें खाना बनाते हैं ,कपड़ा धोते हैं और बच्चों को पालती हैं। महिलाओं को हमेशा आगे होना चाहिए ,महिला आगे नहीं रहेंगे तो हमेशा पीछे रह जायेंगे जबकि सरकार द्वारा नयी योजनाएं चलायी जा रही हैं बहुत सी महिला आगे निकल कर सखी योजना में जुड़ गयी हैं। महिलायें बहुत आगे बढ़ रही बहुत सारे काम कर रहे हैं। महिलाओं को अपने अधिकार लेने चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से सरोज चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता ,निर्णय लेने की स्वतंत्रता आर्थिक सम्पति में समान अधिकार ऐसे पक्ष हैं जिन्होंने समाज के सामने चुनौतियों को उत्पन्न किया है। महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रुख नहीं रखा जाता है। इससे स्पस्ट होता है कि महिलायें दामन और अध्यक्ष पद को स्वीकार करती हैं तब तक सभ्य संस्कारी मानी जाती हैं। और जैसे वे अपने अधिकार या अपने विरुद्ध होने वाले कार्यों का विरोध करती हैं आवाज उठाती हैं तो उन पर ऊँगली की जाती है कि वही गलत हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से सरोज चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि लैंगिक असमानता के कारण समाज कई जोखिमों से घिरा हुआ है और देर करने की कोई गुंजाईश नहीं बची है । स्वामी विवेका नन्द उन शास्त्रों की आलोचना करते हैं जो स्त्री की ज्ञान प्राप्ति को नहीं मानते। उनका मानना है कि देश की सम्पन्नता इस बात पर निर्भर करता है कि स्त्री पुरूष के साथ समानता का व्यवहार किया जाए। महिलायें उतनी ही साहसी होती हैं जितनी की पुरूष। इसलिए महिलाओं को भी समान अधिकार देना चाहिए। क्यूंकि देश की उन्नति में दोनों का हाथ होता है