उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि परंपरा के नाम पर महिलाओं का हक छीन लेना गलत है। परंपरा समाज को जोड़ती है। पर अधिकार छीनने का जरिया नहीं रखती। हमारे देश में कई घरों में परंपरा के नाम पर महिलाओं को अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है। हमेशा महिला जब अपना अधिकार मांगना चाहती है, तो उसे यही कहा जाता है हमारे यहा ऐसा नहीं होता है। असल में तो हमारी परंपरा ने कभी कुछ कहा ही नहीं हमारी परंपरा ये कभी नहीं कहती की महिलाओं को अधिकार नहीं मिलना चाहिए। ये लोगों के बनाए हुए और फैलाए हुए झूठ हैं। परंपरा के नाम पर महिलाओं को हक से वंचित किया जा रहा है। इसलिए हमेशा अधिकार और परंपरा के बीच में सामंजस्य जरूरी है धन्यवाद