उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि हम जानते हैं की हमारे देश में आज भी जो भूमि है वो आदमियों के ही नाम होती है। जब भी कोई अगर नेचुरल समस्या आती है जैसे की बाढ़ आ जाना या सूखा पड़ना ऐसी समस्याओं में सबसे ज्यादा समस्या गरीबों को होती है और महिलाओं को होती है। सरकार की तरफ से मुआवजे मिलते है। जो मदद पहुंचाई जाती है, वो उन लोगों को पहुंचाई जाती है, जिनकी जमीन को दिक्कत हुई रहती है उन जमीन के मालिकों को पहुंचाई जाती है। यहाँ अगर किसी महिला के पास भी अपनी जमीन हो तो उसको मदद मिल सकती है। उसको मुआवजे की रकम मिल सकती है। जिससे की वो अपने आगे के जीवन को बेहतर बना सकती है और जमीन उसके नाम न होने पर उसको समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उसको अपने घर के पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता है की जब अगर वो चाहेंगे उसे अपने साथ रखेंगे और नहीं तो वो उन्हें छोड़ देंगे। इसके बाद महिला के पास कोई घर नहीं बचता है