उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि जब भी कोई चीज हमें करनी हो कहीं बैंक से लोन लेना हो तो हमेशा हमारे पास एक संपत्ति का होना जरूरी होता है। जिसे की कोलैटरल कहा जाता है। जब भी महिलाओं के पास जमीन होगी तो उन्हें बैंक से लोन लेने में आसानी होती है वो अपना कोई बिजनेस स्टार्ट कर सकती है। इस तरीके से महिला सशक्तिकरण भी भूमि अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ये केवल एक भावनात्मक या पहचान से जुड़ा मुद्दा नहीं बल्कि आर्थिक उन्नति से जुड़ा हुआ मुद्दा है
