उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि लोग अक्सर कहते है सब तुम्हारा ही तो है पर जब कागज देखो तो नाम नहीं होता। कागज पर लिखा होता है वही कानूनी होता है। डॉक्यूमेंट में भी महिला का नाम होना जरूरी है। महिलाओं को कई बार सांत्वना देने के लिए बोल देते है की ये घर तुम्हार है या फिर सब कुछ तुम्हारा है। लेकिन जब अधिकार देने की बारी आती है तो कोई भी महिलाओं के नाम नहीं लेता है। हमें ये सोच बदलने की जरूरत है और कागजों पर भी महिलाओं को हक देने की पहल की जरूरत है