उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि गाँव में महिलाएं दिन रात खेतों में काम करती है। घर संभालती है,उसके बाद भी जमीन पर नाम उनका नहीं होता। पुरुषों का ही होता है। लेकिन ये सिर्फ गाँव की बात नहीं है। शहरों में भी अक्सर सिर्फ प्रॉपर्टी पुरुषों के नाम ही होता है। यहाँ तक की वो महिलाएं जिनका अपना करियर है। जो नौकरी करती है जो पढ़ी लिखी है वो भी अपना हक मांगने में हिचकिचाती है। जागरूकता हर जगह जरूरी है, चाहे गाँव हो या शहर हर जगह महिलाओं को अधिकार मिलना जरूरी है। हर जगह महिलाओं को अपनी आवाज उठाना भी उतना ही जरूरी है
