उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि हम सभी जानते है की हमारे देश में ये कानून है की महिलाओं को भी जमीन पर पूरा अधिकार है। कई बार ऐसे होता है की महिलाओं को पता ही नहीं होता उनके अधिकार के बारे में और कभी कभी तो ऐसा भी होता है की बहुत सी महिलाएं जानती है की उनका हक है, पर बोलती नहीं क्योंकि रिश्ता टूटने का डर होता है। आखिर ये डर क्यों है क्या किसी के अधिकार मांग लेने से आपका इतना अहम टूट जा रहा है की आप रिश्ता तोड़ने की बात कर रहे हैं। क्या महिलाओं को अधिकार देना इतना मुश्किल है पुरुषों के लिए। याद रखिए अपना हक मांगना गलत नहीं होता चुप रहना कभी कभी अन्याय को बढ़ावा देना होता है। हम जब चुप रहते है, तो लोगों को लगता है की इसे तो जरूरत ही नहीं है। ये तो कभी कुछ मांगेगी ही नहीं तो लोग यह बात कंसिडर तक नहीं करते है की महिलाओं को भी अधिकार की जरूरत है। इसलिए बोलना शुरू करिए ताकि लोग इस बात को कम से कम ध्यान में तो लाए की महिलाओं का भी भूमि अधिकार होता है ऐसा एक कानून है। गर वो आपको नहीं मिलता है तो आप कोर्ट में जा कर अपना हक ले सकती हैं
