उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि लोग अक्सर कहते है महिलाओं को जमीन का अधिकार नहीं होता पर सच ये है की हिंदू सक्सेेशन एक्ट के हिसाब से जो की हमारे देश में एक कानून है। उसके हिसब से बेटी को भी बेटा जितना हक मिलता है। पर कानून कागज पर नहीं जमीन पर होता है, सोच में होता है। यानी की कानून बन तो गया है, पर उसे लागू करने के लिए उसे एक्ट में लाने के लिए लोगों का भी उस पर काम करना जरुरी है। अगर लोग कचहरी जा कर बेटियों का नाम लिखवाएगे ही नहीं तो कानून बनने से क्या फायदा है। जमीन पर उनके लिए कोई काम किया ही नहीं जाता है। क्योंकि महिलाओं को अधिकार लेना सिखाया ही नहीं गया है। महिलाओं को लगता है कि वो जमीन का हक नहीं रखती है। इसलिए घर में जब भी इस पर बात होती है, वो इस चर्चा में शामिल ही नहीं होती है। ऐसा नहीं होना चाहिए