उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि हम बचपन से सुनते आए हैं बेटी पराया धन होती है। पर क्या इसलिए उसे जमीन का हक नहीं मिलना चाहिए। बेटी भी माँ बाप का ही खून होती है और बल्कि ये कहा जाता है की बेटिया माँ बाप का ज्यादा ध्यान रखती है। तो फिर जब बेटा जमीन संभाल सकता है तो बेटी क्यों नहीं। ऐसा क्यों माना जाता है की केवल बेटा ही उसकी विरासत आगे बढ़ा सकता है या फिर बेटा असली हकदार है। क्या सिर्फ इसलिए की उसका विवाह हो जाता है, वो दूसरे घर में चली जाती है, तो वो आपके घर का हिस्सा नहीं रह गई। या वो आपके लिए सम्मान की बात नहीं रह गई। ये सिर्फ कानून का सवाल नहीं सोच बदलने का सवाल है