उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से प्रीति सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं को जमीन का पैतृिक संपत्ति और स्वयं खरीदी या उपहार में मिली संपत्ति दोनों पर अधिकार लड़कों के बराबर होना चाहिए। जो हिंदू उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम 2005 से मिला है। जिसके तहत बेटियों को भी बेटों जितना हक होना चाहिए। पति की मृत्यु पर पत्नी को गुजारा भत्ता और संपत्ति का हिस्सा मिलना चाहिए। आजकल लोग विधवा महिला को संपत्ति में हिस्सा नहीं देना चाहते हैं। तलाक के बाद भी गुजारा भत्ता और संपत्ति का हिस्सा मिल सकता है। लेकिन ये कोर्ट के अनुसार होता है। लेकिन विधवा महिलाओं को तो मिलना ही चाहिए।