उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 45 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि सन् 1956 अनुसार विधवा महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। अक्सर होता है कि पति के नाम जमीन होता है जिससे विधवा महिला को जमीन को लेकर परेशानी होती है। अगर ये संयुक्त होती ,पति पत्नी के नाम होती तो विधवा महिलाओं को समस्याएँ नहीं झेलनी होती। महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। अगर महिलाओं को जमीनी अधिकार नहीं मिलता तो उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है