उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलायें सुबह से शाम तक खेती संभालती है, बीज लगाना पानी देना फसल का ध्यान रखना सब कुछ करती हैं। लेकिन जब कागज देखे जाते है, तो जमीन का मालिक कोई और होता है। ये सिर्फ नाइंसाफी नहीं बल्कि महिला की मेहनत को नजरअंदाज करना है। अगर जमीन उसके नाम हो तो वो नए तरीके अपना सकती है। खेती में सुधार ला सकती है और अपने परिवार को और आगे बढ़ा सकती है। जो खेत संभालती है उसका नाम भी जमीन पर होना ही चाहिए