उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के मुद्दों से संबंधित विभिन्न सामाजिक संगठनों में महिलाओं के न्यूनतम संख्या लैंगिक असमानता के विकराल रूप को व्यक्त करती है। आर्थिक क्षेत्र में कार्यरत महिला और पुरुष के पारिश्रमिक में अंतर है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रायः महिलाओं को पुरुषों के सापेक्ष कम वेतन दिया जाता है। रोजगार, काम और वेतन सहित सभी क्षेत्रों में महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए। समानता का सिद्धांत कम प्रतिनिधित्व वाले लिंग के पक्ष में विशिष्ट लाभ प्रदान करने वाले उपायों को बनाए रखने या अपनाने से नहीं रोकेगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।