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गायत्री मेहता जी कहना है की अक्सर कुछ स्थान ऐसे होते है जहां पर थोड़ा अंधेरा होता है या कोई रस्ते ऐसे होते हैं जो कठिन होते हैं तो वहां जाने में थोड़ी प्रॉब्लम होती है, वहां पर बहुत से प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है जैसे असुरक्षित फील करना, कोई गलत छेड़छाड़ होने का डर, तो अगर इन चीजों को हम पुलिस तक पहुंचाते है और पुलिस इन चीजों पर ध्यान देते है तो हम इन इससे बच जाते है और हमें सुरक्षित भी फील होता है.
सुरक्षा सखि ज़रीना यह बोल रही है की लड़कियों को बाहर जाने में कम्फर्टेबले नहीं होते है क्यूंकि उन्हें लगता है की अगर उनको कोई कुछ बोल दे तोह वह घर जा कर कैसे यह सारी बात बोलेगी | इसलिए ज़रीना जी यह कहना चाहते है की लड़कियों को अपने घरवालों के साथ सब कुछ शेयर करना चाइये ताकि किसी भी स्थिति में उनको घरवालों की मदद मिले |
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दुर्गा वैष्णव, कुन्हाड़ी थाना, कोटा से, यह बोल रहे है की वह सुरक्षा पैनल से जुड़ने के बाद | पैनल से जुड़कर उनको काफी ज्ञान प्राप्त हुई | इसके बाद वह आँगनवाड़ी और बच्चो के स्कूल में आना जाना शुरू की, इन सब जगह की अध्यापकों को उन्होंने सुरक्षा पैनल से जोड़ा |
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दादाबाड़ी थाने के हनुमाननगर से गिरिजा शर्मा का कहना है की सुरक्षा सखी में जुड़कर उन्हें बहुत अच्छा लगा है, वह अपने समुदाय के गलियों और धार्मिक स्थानों पर जाती है और जरूरतमंद लोगो को पढ़ाई, बाल शोषण, बाल मजदूरी के बारे में जानकारी देती है और कोशिश भी करती है की इन मुद्दों का समाधान हो, ऐसी कोई सूचना मिलने पर ठाणे में सूचित करती है.
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दुर्गा वैष्णव, कोटा राजस्थान के कुनड़ी थाने की सुरक्षा सखी का कहना है की मैं हॉस्टल में वार्डन भी हूं तो मैं हर लड़की को भी मोटिवेट करती रहती हूं हर लड़की के पास मेरा नंबर है अगर उनको कोई भी प्रॉब्लम हो तो कृपया मेरे नंबर है आप मुझे किसी भी वक्त कॉल कर सकती हैं और मैं उन लड़कियों को जो डिप्रेशन में आ जाती है तो हम उनको मोटिवेट करती हूं जो गरीब बच्चे होते हैं कोई दुकान पर काम करते हैं तो मैं यह चाहती हूं कि मेरी दो चार सुरक्षा सखी को लेकर उन बच्चों से मिलूं और उनके पेरेंट्स से बात करना चाहती हूं ताकि मैं उनके पेरेंट्स को बता सकूं कि आप इनका थोड़ा सा टाइम कम कीजिए और इन बच्चों को पढ़ने दीजिये और इन को आगे बढ़ने दीजिये, मैं सुरक्षा सखी से जुड़ी हो मुझे मौका मिला कि मैं अपने देश की हर बेटियों सुरक्षित कर सकूं और जो पुलिस और हमारा जो सेतु बना हुआ है मैं इस पर खरा उतर सकूं।
