मेरा नाम दुर्गा वैष्णव है, मेरा यह मुद्दा है कि जैसे लड़कियां दूर स्कूल जाती हैं या कहीं कॉलेज जाती है या मार्केट जाती है तो जैसे लड़कियों को ही रोका जाता है कि तुम क्यों इतनी देर कहाँ थी, क्या किया क्या नहीं किया। और मैं चाहती हूं कि हर घर में एक सुरक्षा सखी बने और अगर बेटियों की जगह बेटे से पूछा जाए की तुम कहां गए थे क्या किया, यह लड़कों के साथ हो जाए तो कुछ क्राइम कम हो सकता है.
दुर्गा वैष्णव, कुन्हाड़ी थाना, कोटा से, यह बोल रहे है की वह सुरक्षा पैनल से जुड़ने के बाद | पैनल से जुड़कर उनको काफी ज्ञान प्राप्त हुई | इसके बाद वह आँगनवाड़ी और बच्चो के स्कूल में आना जाना शुरू की, इन सब जगह की अध्यापकों को उन्होंने सुरक्षा पैनल से जोड़ा |
दुर्गा वैष्णव, कोटा राजस्थान के कुनड़ी थाने की सुरक्षा सखी का कहना है की मैं हॉस्टल में वार्डन भी हूं तो मैं हर लड़की को भी मोटिवेट करती रहती हूं हर लड़की के पास मेरा नंबर है अगर उनको कोई भी प्रॉब्लम हो तो कृपया मेरे नंबर है आप मुझे किसी भी वक्त कॉल कर सकती हैं और मैं उन लड़कियों को जो डिप्रेशन में आ जाती है तो हम उनको मोटिवेट करती हूं जो गरीब बच्चे होते हैं कोई दुकान पर काम करते हैं तो मैं यह चाहती हूं कि मेरी दो चार सुरक्षा सखी को लेकर उन बच्चों से मिलूं और उनके पेरेंट्स से बात करना चाहती हूं ताकि मैं उनके पेरेंट्स को बता सकूं कि आप इनका थोड़ा सा टाइम कम कीजिए और इन बच्चों को पढ़ने दीजिये और इन को आगे बढ़ने दीजिये, मैं सुरक्षा सखी से जुड़ी हो मुझे मौका मिला कि मैं अपने देश की हर बेटियों सुरक्षित कर सकूं और जो पुलिस और हमारा जो सेतु बना हुआ है मैं इस पर खरा उतर सकूं।
