मेरा नाम नर्मदा है, मैं खुशखेड़ा थाने की सुरक्षा सखी में हूँ, मैंने अभी पिछले महीने सुरक्षा सखी की मीटिंग ली थी, ट्रेनिंग में हमने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर के कैसे मीटिंग करनी है, समस्याओं के रोकथाम को लेकर कैसे काम करना है, यह भी सीखा था, पिछले सप्ताह हमारे थाने में मीटिंग रखी थी, उस समय हमारे गांव में एक महिला अपने पति से बहुत परेशान थी, मेरी उस समय उस महिला से बात हुई उसने बताया कि मेरा पति मुझे बहुत परेशान करता है मारता हैं, घर के खर्चे नहीं देता है, दूसरों के घर से राशन लाना पड़ता है, और घर से बाहर कर देता है, तब मैंने उस महिला से पूछा कि आपको पुलिस की मदद चाहिए तो आज हमारी मीटिंग है, मै एस.एच.ओ. साहब से बात करूंगी, अपनी परेशानी एस.एच.ओ. साहब से बताना, उस महिला ने अपने नंबर दिए और मदद के लिए अनुरोध किया, मैं थाने में गई और जब हमारी मीटिंग हो गई, तो मै थाना अधिकारी को उस महिला के बारे में पूरी बात बताइ, और थाना अधिकारी को उस महिला से बात कराई, थानाधिकारी ने उस महिला से बात किया और उसको बोला कि तू अपने घर जाओ मैं स्वयं तुम्हारे पति से बात करूंगा, उसके बाद पुलिस उसके घर आई और उसके पति से बात किया, मुझे उस महिला की मदद करके बहुत अच्छा लगा धन्यवाद।