उत्तर प्रदेश राज्य के सिधौली इलाके से मोबाइल वाणी संवाददाता बता रहा है कि सिधौली कस्बे के तहसील रोड पर आवारा सालों की लड़ाई में कई राहगीर घायल हो गए और एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. आपको बता दें कि बुधवार सुबह 6 बजे तहसील रोड पर पैदल जा रहे कई लोगों में भगदड़ मच गई. दो साल की लड़ाई शुरू हो गई थी। कुत्तों की लड़ाई करीब एक घंटे तक चली और लोग तहसील लोड पर सौ मीटर से ज्यादा तक दौड़े, इस दौरान कई लोगों ने भागकर खुद को बचाया, कई लोग दूर से ही पलट गए, एक नैनो कार और एक क्रेटा कार भी तहसील लोड पर खड़ी थी .
भाजयुमो की एक बैठक अटरिया के निजी लॉन में हुई सम्पन्न जिलाध्यक्ष व क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे मुख्य अतिथि
उत्तर प्रदेश राज्य के अटरिया क्षेत्र से मोबाइल वाणी संवाददाता बता रहा है कि अटरिया के एक निजी लॉन में भारतीय जनता युवा मोर्चा की बैठक हुई. मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष नितिन और जिला अध्यक्ष सचिन मिश्रा रहे। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है। संगठन के सदस्य क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर जिला मंत्री जयपाल शर्मा, चंद्र प्रकाश सिंह, सौरभ सिंह, दिलीप निगम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिविल लाइंस, जो बनाया तो अंग्रेजों के लिए गया था लेकिन वह तो रहे नहीं सो अब हमारे काम आ रहा है। बेहद खूबसूरत, जगमगाती इमारतें, चौड़ी सड़कें, फर्राटा भरती गांडियां और सबकुछ इतना करीने से की घूमने के लिए अद्भुत जगह, मेरा खुद से देखा हुआ अब तक का सबसे शानदार दिलकश, बगल में कॉफी की महक उड़ाता इंडियन कॉफी हाउस। और ज्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
नमस्कार आदाब श्रोताओं, उत्तर प्रदेश मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो गोमती नगर, लखनऊ स्थित गिरिजा एंड कंपनी में टेली कॉलर के पद पर कार्य करने की इच्छा रखते हैं। न्यूनतम 12वी पास इच्छुक अनुभवी व फ्रेशर व्यक्ति इस पद के लिए आवेदन कर सकते है। चयनित व्यक्ति को उनके कार्य क्षमता के आधार पर प्रतिमाह 8,000 से 18,000 रुपए वेतन दिया जायेगा । इच्छुक व्यक्ति इस पद से सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। नंबर हैं : 86049 19893। तो दोस्तों, अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाए, साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने बाकि दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं। धन्यवाद !
उत्तर प्रदेश राज्य के नीलगांव इलाके से मोबाइल वाणी संवाददाता बता रहा है कि कोनीघाट पुल के पास जंगलों में एक पेड़ से चार दिन पुराना शव संदिग्ध अवस्था में लटका हुआ मिला. परिजनों द्वारा शव की पहचान करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर साक्ष्य दिए हैं. कोनीघाट के आसपास के क्षेत्र में उस समय दहशत फैल गई जब लोगों ने सुना कि सिधौली मिश्रित मार्ग पर कोनीघाट के पास कर्बला के जंगल में एक पेड़ से शव लटका हुआ है। सूचना मिलने पर कोतवाली सिधौली पुलिस शव की तलाश में जुट गई है। शव को देखने से ऐसा लग रहा था कि शव कई दिनों से पेड़ पर लटका हुआ है. शव पूरी तरह से काला पड़ चुका था और सड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। बहादुरपुर निवासी राम भरोसे का अट्ठाईस वर्षीय बेटा सोनू उर्फ दिवाकर पिछले कुछ दिनों से लापता था। मदद के लिए सोनू के परिजनों को भी बुलाया गया. परिजनों ने शव की पहचान सोनू के रूप में की। परिवार के सदस्यों के अनुसार, सोनू एक निर्माण श्रमिक था और होली के बाद मृत पाया गया था। वह काम पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने सिधौली कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश राज्य के नीलगांव क्षेत्र से मोबाइल वाणी संवाददाता बता रहा है कि नीलगांव में एक खेत में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई. आग से चार बीघे गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। मंगलवार दोपहर एक खेत में अचानक आग लग गई। जानकारी के अनुसार नीलगांव निवासी मोहम्मद रफीक ने लाल मोहम्मद के खेत में आग लगा दी। गेहूं चूल्हे पर रखा हुआ था, जिसमें मंगलवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग गंभीर हो गई. अग्निशमन विभाग और अटरिया पुलिस को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा खेती में हरी खाद का इस्तेमाल करने के बारे में जानकारी दे रहे है अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
मनरेगा में भ्रष्टाचार किसी से छुपा हुआ नहीं है, जिसका खामियाजा सबसे ज्यादा दलित आदिवासी समुदाय के सरपंचों और प्रधानों को उठाना पड़ता है, क्योंकि पहले तो उन्हें गांव के दबंगो और ऊंची जाती के लोगों से लड़ना पड़ता है, किसी तरह उनसे पार पा भी जाएं तो फिर उन्हें प्रशासनिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस मसले पर आप क्या सोचते हैं? क्या मनरेगा नागरिकों की इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम हो पाएगी?
बचपन मनाओ बढ़ते जाओ और मोइलवाणी की प्रतियोगिता ''चलो पढ़ें और पढ़ाएं'' में हिस्सा ज़रूर लें और परिजन अपने बच्चों को वाक्य पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें | बच्चे नया पढ़ेंगे तो नया सीख भी पाएंगे.
