पानापुर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में वरीय शिक्षकों के रहते हुए कनीय शिक्षकों के द्वारा जबरदस्ती प्रभार चलाया जा रहा है । आपको बतादे की आए दिन खबरों में शिक्षा विभाग से संबंधित तरह तरह की खबरें देखने सुनने एवं पढ़ने को मिलती रहती है । जिसमें अक्सर दिखाया जाता है कि शिक्षक विद्यालय में समय से नहीं आते हैं एमडीएम का संचालन मेनू के अनुसार नहीं होता हैं नाहीं विद्यालय की साफ सफाई अच्छी रहती है । सारी समस्याओं को अकेले शिक्षक नहीं उत्पन्न करते बल्कि इसमें पदाधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकता है जिससे शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है । आखिर शिक्षकों में आपसी तालमेल क्यों नहीं ? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला के पानापुर प्रखंड मे करीब डेढ़ दर्जन विद्यालयों में वरिय शिक्षकों के रहते हुए कनीय शिक्षकों के द्वारा जबरदस्ती प्रभार चलाया जा रहा है । जिसके कारण शिक्षकों का आपसी तालमेल बिगड़ गया है और पढ़ाई चौपट हो गई है । बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का जिम्मेदार कौन ? जानकारी के अनुसार विभाग के प्रधान सचिव से लेकर डीइओ डीपीओ का सख्त निर्देश है कि किसी भी हालात में एक विद्यालय में वरीय शिक्षक के रहते कनीय शिक्षक प्रभार में नहीं रहेंगे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महोदय ने आला अधिकारियों से अपना जान बचाने के लिए वरीयता सूची तो निकाली है लेकिन आज तक विद्यालयों की एक भी कनीय शिक्षक अपने वरीय शिक्षक को विद्यालय का प्रभार नहीं सौपे है ।
