सोनपुर प्रखंड क्षेत्र में कोई ऐसा पंचायत नहीं है जहां सरकारी योजनाओं की लूट खसोट एवं कागज पर विकास दिखाकर धरातल पर खानापूर्ति नही की जा रही हो । सबसे ज्यादा लूट खसोट मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना, स्वच्छता योजना के अलावा कई योजनाओं में हो रही है । मनरेगा योजना में तो इतनी होती है कि कई मजदूरों व ग्रामीणों ने नाम नही छपाने के शर्त पर सारी बातों के खुलासा किया कि उनका नाम मनरेगा मजदूर में रहने के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं मिलती है और जनप्रतिनिधियों एवं इसमें संलिप्त लोगों के मिलीभगत से मनरेगा के कार्य मजदूरों से न कराकर जेसीबी व अन्य यंत्रो से कराकर कागजो पर मजदूरों को दिखाकर पैसे को रकम जब आती है तो कम पैसे मजदूरों को देकर उनकी राशि को उठाओ जनप्रतिनिधि एवं उनके अधीनस्थ कर्मी कर कर लेते हैं और मजदूर अपनी बदहाल व्यवस्था एवं रोजगार के लिए दर- दर की ठोकर खाते हैं । हर योजनाओं में लूट- खसोट है । विकास के सरकारी कार्यो में कमीशन निर्धारित हो गया है इसे कहीं ना कहीं बिहार के आर्थिक स्थिति कमजोर करने के लिए भी साजिश तो नही चल रही है । बिहार के बदहाल व्यवस्था का मुख्य कारण है बेरोजगारी, रोजगार का साधन उपलब्ध नहीं होना । योजनाओं में बंदरबांट होना । कार्य पूर्ण रूप से गुणवत्ता पूर्ण नहीं होना कहीं ना कहीं बिहार की बदहाल व्यवस्था के यह भी एक कारण है । ऐसा ही एक मामला मनरेगा योजना क्रियान्वयन में सरकारी निर्देशों की धज्जियां जमकर उड़ाई जा रही । मजदूरों को रोजगार देने के बजाय दिनदहाड़े छोड़ रात के अंधेरे में जेसीबी, ट्रैक्टर और हाइवा से कार्य किया जा रहा है। सोनपुर प्रखंड के कल्याणपुर पंचायत अंतर्गत बैजलपुर केशो का एक मामला सामने आया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।