बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से तेतरी देवी से हुई। तेतरी देवी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। वह पति के संपत्ति में अधिकार लेना चाहती है
कुल मिलाकर, महिलाओं के लिए संयुक्त स्वामित्व सिर्फ़ काग़ज़ी नियम नहीं है, बल्कि समाज को बदलने का एक मज़बूत ज़रिया है। यह महिलाओं को मज़बूत बनाता है, परिवार में संतुलन लाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बराबरी की एक अच्छी मिसाल पेश करता है। महिलाओं को ज़मीन और संपत्ति में बराबर हक़ देना एक बेहतर और न्यायपूर्ण समाज की ओर बड़ा कदम है। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- क्या आपके परिवार की ज़मीन या घर महिलाओं के नाम पर भी संयुक्त रूप से दर्ज है? *--- अगर नहीं, तो क्या आप संपत्ति में बेटियों और बहुओं को बराबर अधिकार देने पर विचार करेंगे? *--- क्या आप मानते हैं कि महिलाओं को ज़मीन का अधिकार मिलने से परिवार ज़्यादा सुरक्षित और मज़बूत होता है? *--- क्या अगली पीढ़ी को बराबरी की सीख देने के लिए आप संयुक्त स्वामित्व अपनाना चाहेंगे?
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि स्कूल और कॉलेजों में महिलाओं के बारे में पढ़ाई नही होता है। इसका करण यह है कि स्कूल में बच्चों का दिमाग विकसित नही रहता है और समझ कम होती है।धीरे धीरे आदमी का दिमाग खुलता है।जब महिला घर -गृहस्थी चलाने लायक हो जाती है तो उन्हें महिलाओं के बारे में बताया जाता है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर प्रिया कुमारी से साक्षात्कार लिया। प्रिया कुमारी ने बताया कि कई महिलाएं अपने हक़ के लिए लड़ने की बात करती हैं और कई महिलाएं लड़ना नही चाहती हैं।समाज हक़ के लिए लड़ने वाली महिलाओं को गलत समझता है। इसलिए महिला समाज के बारे में सोच कर डर जाती है।प्रिया कुमारी समाज से लड़ सकती हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रिया कुमारी से हुई। प्रिया कुमारी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए ताकि वह अपने हक़ के लिए लड़ सके। स्कूल और कॉलेज में जमीन के अधिकार के बारे में बताया जाएगा तो वह पढ़ाई से भटक जाएँगी
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नेहा कुमारी से हुई। नेहा कुमारी यह बताना चाहती हैं कि पंचायत में महिलाओं को संपत्ति के अधिकार के बारे में बताना चाहिए
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नेहा कुमारी से हुई। नेहा कुमारी यह बताना चाहती हैं कि कई महिलाओं को भूमि के अधिकार के बारे में जानकारी नहीं हैं। महिला अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाने में डरती हैं। महिला पढ़ी लिखी भी नहीं रहती हैं तो हक़ के लिए आवाज़ उठाने में डरती हैं।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि भूमि के कागज़ में सुधार करना जरूरी है। आने वाले पीढ़ी के लिए भूमि में सुधार करना बहुत जरूरी है ताकि आने वाले बच्चों को बहुत परेशानी होगी। जमीन को खुद के नाम से करा लेना चाहिए ताकि आगे कोई विवाद नहीं हो सके
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि लोग बेटी को जमीन में अधिकार देने की बात तो करते हैं लेकिन अधिकार देना नहीं चाहते हैं। माता और पिता सोचते हैं कि बेटी को जमीन में अधिकार दे दिया जायेगा तो बेटा लड़ाई करेगा। बेटी को शादी के समय ही जमीन में अधिकार दे देना चाहिए। जमीन पर बेटा और बेटी दोनों का बराबर का अधिकार होता है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार नहीं मिल रहा है तो झगड़ा नहीं करना चाहिए। पहले अपने परिवार से बातचीत करना चाहिए। उसके बाद नहीं मानने पर गांव के मुखिया से बात करना चाहिए या कोर्ट जाना चाहिए तभी उनको अधिकार मिलेगा।
