कल के नेता, आज की आवाज़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आह्वान है—युवाओं के लिए, समाज के लिए और नीति निर्माताओं के लिए। यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएं, तो वे भूमि न्याय के आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। भविष्य का भारत तभी सशक्त और न्यायपूर्ण होगा, जब आज की युवा आवाज़ भूमि पर समान अधिकार की मांग को मजबूती से उठाएगी। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- “हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *--- “अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर सम्पतिया देवी से साक्षात्कार लिया।सम्पतिया देवी ने बताया कि लड़का और लड़की में भेदभाव नही करना चाहिए। इन्होने अपने बेटा और बेटी के लिए एक जैसा भोजन और शिक्षा की व्यवस्था किया है।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनिता से हुई ।अनिता यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए ।वह पति से अधिकार लेना चाहती हैं ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला के सांडा पंचायत से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुशीला से हुई ।सुशीला यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला के सांडा पंचायत से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुशीला देवी से हुई ।सुशीला देवी यह बताना चाहती हैं कि जब महिलाएं जमीन में अधिकार मांगती हैं तो घर वाले कहते हैं कि शादी में दहेज दिए हैं तो जमीन में अधिकार क्यों दे ।वह अपने बेटी को दहेज देकर शादी करेंगी ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुमानती देवी से हुई ।सुमानती देवी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए ।वह पति से अपना अधिकार मांगती हैं ।

परंपरा तभी बदलेगी, जब सोच बदलेगी। जब समाज यह समझेगा कि महिलाओं को भूमि और संपत्ति में समान अधिकार देना परिवार और राष्ट्र दोनों के हित में है, तभी भारत वास्तविक अर्थों में समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ेगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *---- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *---- हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *---- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि जमीन सास ससुर के नाम से है तो जमीन में कैसे अधिकार मिलेगा ।अगर इनके नाम से जमीन होता तो वह खेती करती और सरकार के द्वारा लाभ ले सकती थी ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रभा कुमारी से हुई ।प्रभा कुमारी यह बताना चाहती हैं कि उनको पति के संपत्ति में अधिकार लेना चाहती हैं और इनके पति भी देना चाहती है ।पति के माता और पिता जब पति के नाम से जमीन करेंगे तभी पत्नी को जमीन में अधिकार दे पाएंगे ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनिता देवी से हुई ।अनीता देवी यह बताना चाहती हैं कि महिला खुद चाहती हैं कि उनको जमीन में अधिकार चाहिए और वह खुद लड़ कर अधिकार लेती हैं ।अगर ससुराल और मायके में अधिकार नहीं मिलेगा तो कैसे बच्चों का पालन पोषण कर सकेंगी ।