हम आपसे पूछताछ करते हैं । क्या आप जानते हैं कि दही और जलेबी खाने से कौन सी बीमारियाँ ठीक होती हैं ? ये दही जलेबी बीमारियाँ भी ठीक करती हैं , आपने इसके बारे में सुना होगा लेकिन आप नहीं जानते कि आप ये दही जलेबी खाते थे । इस वर्ष हाल ही में आयोजित आयुर्वेदिक दिवस का विषय क्या था , एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को हाल ही में दो हजार तेइस में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में प्रदर्शित किया गया था । हाल ही में उल्लु अर्जुन अल्लू अर्जुन पुरस्कार जीतने वाले पहले तेलुगु अभिनेता कौन बने , किस राज्य ने पहली हॉकी ए इंडिया सब जूनियर पुरुष महिला सर्वश्रेष्ठ जॉन चैंपियनशिप दो हजार तेइस खिताब जीता हाल ही में भारत में कौशल दो हजार तेइस प्रतियोगिता जीतने वाले मध्य प्रदेश के धर्मेंद्र प्रधान हाल ही में जारी वैश्विक पेंशन सूचकांक दो हजार तेइस नीदरलैंड में शीर्ष पर रहे ।

महादेव को प्रिय भांग और बनारसी ठंडई के स्वाद का जादू महाशिवरात्रि पर बनारसियों के सिर चढ़कर बोलेगा। बाबा की बूटी खाकर काशीवासी भोलेनाथ के विवाहोत्सव का जश्न मनाएंगे और उनकी भक्ति में झूमेंगे। पूरी दुनिया में मशहूर बनारसी बनारसी ठंडई व भांग के दीवाने काशीवासियों के साथ ही विदेशी भी हैं। महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। भोलेनाथ की काशी में बाबा के विवाहोत्सव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। ऐसे में भांग व ठंडई के दुकानदार भी तैयारी में जुटे हैं। भांग व ठंढई की दुकानें सज गई हैं। यहां कई वेरायटी के आइटम सजाए गए हैं, जो लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। दुकानदारों ने बताया कि महाशिवरात्रि पर महादेव के प्रसाद के रूप में लोग भांग खाते हैं। ऐसे में विशेष तैयारी की गई है। दुकानदार प्रमोद शुक्ला ने बताया कि भांग बाबा का मुख्य प्रसाद माना जाता है। यह देश के हर शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन लोग इसको बाबा के प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। कहा कि महाशिवरात्रि बाबा के विवाहोत्सव के अवसर पर भांग का क्रेज बढ़ जाता है। लोग भांग का सेवन करते हैं। बनारस की ठंडई, भांग, पान और मलइयों की डिमांड बढ़ जाती है। भांग के साथ मेवा, काजू, मुनक्का का स्वाद दुकानदार ने बताया कि भांग में मेवा, काजू, मुनक्का समेत अन्य चीजों का मिश्रण कर तैयार किया जाता है। भांग पूरी तरह से नेचुरल होती है, जो ढाई से तीन माह तक खराब नहीं होती है। कहा कि भांग का महत्व देश ही विदेश में भी है।

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दशाश्वमेध घाट पर गंगा किनारे नमामि गंगे टीम ने श्रमदान करके मां गंगा के लिए लोगों को किया जागरूक दशाश्वमेध घाट पर गंगा किनारे श्रमदान करके मां गंगा के लिए लोगों कों जागरूकता करते हुए नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा और हमारी संस्कृति एक दूसरे पर आधारित रहे हैं । वस्तुत: गंगा भारत की पहचान है और यह जन-भावना ही एक लोकप्रिय गीत में समाहित है और परिलक्षित भी होती है : " हम उस देश के वासी है जिस देश में गंगा बहती है "। गंगा भारतीय संस्कृति की जीवनधारा है । गंगा अध्यात्म और आस्था की संवाहिका है । संत कबीर ने कहा था : " कबिरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर " यानि गंगा जल को ही निर्मलता की सबसे बड़ी कसौटी माना जाता था। वस्तुत : हमारे जीवन मूल्यों में गंगा की पवित्रता का अर्थ है कि हम मन, वचन और कर्म से शुद्ध बने,

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ों न्याय यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 17 फरवरी को पहुंचने वाली है । इस दौरान राहुल गांधी शक्ति प्रदर्शन करेंगे। जिसमें लाखों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। वाराणासी में यह यात्रा गोलगड्डा से सुबह 8:00 बजे शुरुआत होगी। इसके बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए गोदौलिया स्थित पहुंचेंगे