समाज कि लड़ाई लड़ने वाले लोगों के आदर्श कितने खोखले और सतही हैं, कि जिसे बनाने में उनकी सालों की मेहनत लगी होती है, उसे यह लोग छोटे से फाएदे के लिए कैसे खत्म करते हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब कोई प्रभावशाली व्यक्ति ने इस तरह काम किया हो, नेताओं द्वारा तो अक्सर ही यह किया जाता रहा है। हरियाणा के ऐसे ही एक नेता के लिए ‘आया राम गया राम का’ जुमला तक बन चुका है। दोस्तों आप इस मसले पर क्या सोचते हैं? आपको क्या लगता है कि हमें अपने हक की लड़ाई कैसे लड़नी चाहिए, क्या इसके लिए किसी की जरूरत है जो रास्ता दिखाने का काम करे? आप इस तरह की घटनाओं को किस तरह से देखते हैं, इस मसले पर आप क्या सोचते हैं?
भारत में जहां 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में एक तरफ राजनीतिक दल हैं जो सत्ता में आने के लिए मतदाताओं से उनका जीवन बेहतर बनाने के तमाम वादे कर रहे हैं, दूसरी तरफ मतदाता हैं जिनसे पूछा ही नहीं जा रहा है कि वास्तव में उन्हें क्या चाहिए। राजनीतिक दलों ने भले ही मतदाताओं को उनके हाल पर छोड़ दिया हो लेकिन अलग-अलग समुदायो से आने वाले महिला समूहों ने गांव, जिला और राज्य स्तर पर चुनाव में भाग ले रहे राजनीतिर दलों के साथ साझा करने के लिए घोषणापत्र तैयार किया है। इन समूहों में घुमंतू जनजातियों की महिलाओं से लेकर गन्ना काटने वालों सहित, छोटे सामाजिक और श्रमिक समूह मौजूदा चुनाव लड़ रहे राजनेताओं और पार्टियों के सामने अपनी मांगों का घोषणा पत्र पेश कर रहे हैं। क्या है उनकी मांगे ? जानने के लिए इस ऑडियो को सुने
किशनगंज डीएम की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम,1989 /नियम 1995 के तहत गठित जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न हुई।
बिहार राज्य के किशनगंज जिला के ठाकुरगंज और किशनगंज के छात्र के लिए सुनहरा मौका बिहार के सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना 2023 के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि में विस्तार किया गया है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31.07.2023 कर दिया गया है।
ठाकुरगंज प्रखंड में बिहार जनजाति आयोग की सदस्य सीमा हेम्ब्रम सोमवार को बेसरवाटी पंचायत के चुरली धुलासन मांझी स्थान के आदिवासी टोला पहुंची। उन्होंने उपस्थित आदिवासी समाज के लोगों को जाति आधारित गणना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
टेढ़ागाछ प्रखंड के चिल्हनियां पंचायत के वार्ड नंबर 5 खटियाटोली आदिवासी टोला आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां 20 परिवारों का घर है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं से आदिवासी समाज के लोग वंचित हैं। बताते चलें कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से आज भी कोसों दूर हैं यहां के लोग, खासकर छोटे-छोटे बच्चों के लिए शिक्षा के लिए स्कूल भी नहीं है । इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र एवं मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल जल योजना का पानी टंकी सेट नहीं लगाया गया है।स्थानीय ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से मूल भूत सुविधा की मांग की है।
बिहार राज्य के किशनगंज जिले से सामुदायिक संवाददाता धीरज सिन्हा।किशनगंज जिले के छात्र छात्राओं को सूचित किया जाता है कि ऐसे छात्र जो अत्यंत पिछड़ा वर्ग, BC1 या BC2 के अंतर्गत आता हो और वह निशुल्क छात्रावास में रहना चाहता हो उनके लिए एक सुनहरा अवसर बिहार सरकार द्वारा कर्पूरी ठाकुर छात्रावास में नामांकन करा सकते हैं अधिक जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं छात्रावास से संपर्क करें।
अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय डेरामारी मोजाबारी के लोकार्पण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय डेरामारी मोजाबारी के एकेडमिक परिसर से आवासीय परिसर आवागमन हेतु फुट ओवरब्रिज का निर्माण करने एवं खेल परिसर में ओर मिट्टी भराई का मांग रखा। माननीय मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्रीमती सफीना एन एंव भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि को अविलंब कारवाई करने का निर्देश दिया।
बिहार राज्य के किशनगंज जिला से सामुदायिक संवाददाता धीरज सिन्हा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि टेदागाछ प्रखंड के चिल्हनियां पंचायत के वार्ड नंबर 5 खटियाटोली आदिवासी टोला आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां 20 परिवारों का घर है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं से आदिवासी समाज के लोग वंचित हैं। बताते चलें कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से आज भी कोसों दूर हैं यहां के लोग, खासकर छोटे-छोटे बच्चों के लिए शिक्षा के लिए स्कूल भी नहीं है।नल जल योजना के तहत भी पानी टंकी भी नहीं लगाया गया है। स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो।
बिहार राज्य के किशनगंज जिला से सामुदायिक संवाददाता धीरज सिन्हा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि किशनगंज जिला के टेदागाछ प्रखंड में आदिवासी समाज की ओर से पिपरा आदिवासी टोला वार्ड नंबर 02 पंचायत कालपीर के आदिवासियों ने जमीन से संबंधित बंदोबस्ती पर्चा निर्गत कराने को लेकर अंचल अधिकारी अजय चौधरी से मिलकर आवेदन पत्र दिया। बताते चलेगी लोग कई सालों से जमीन के कागजात नहीं रहने से परेशान है लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द उन्हें बंदोबस्ती पर्चा दिया जाए।
