बिहार राज्य के किशनगंज जिला के ठाकुरगंज प्रखंड के प्रोजेक्ट बालिका कन्या उच्च विद्यालय एवं बीओपी समीप विभिन्न स्कूलों में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एम. ब्रोजेन सिंह(उप कमान्डेंट ) पौधरोपण करते हुए बच्चों को पेड़ पौधों की मानव जीवन में कितनी आवश्यकता है इसके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ओजोन प्रदूषण का बढ़ता स्तर परागण को रोक रहा हैं। जिससे पौधों और उन्हें परागित करने वाले जीवों दोनों पर असर पड़ रहा है।
बिहार राज्य के किशनगंज जिला से सामुदायिक संवाददाता धीरज सिन्हा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि पोठिया प्रखंड अंतर्गत दलुआहाट से झीनाखोर होकर किशनगंज-ठाकुरगंज मुख्य सड़क को जोड़नेवाली सड़क की जो जर्जर होकर जानलेवा बनती जा रही है।सड़क जर्जर रहने से हजारों की आबादी को आवागमन का संकट झेलना पड़ रहा है।
किशनगंज जिले में 7 अगस्त से मिशन इंद्रधनुष 5.0 अभियान की शुरुआत की जाएगी जिसमें दो वर्ष तक के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को 90 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से संचालित इस अभियान की सफलता को लेकर जरूरी तैयारी शुरू हो चुकी है।अभियान के क्रम में लक्षित समूह के शत- प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।
किशनगंज नगर परिषद के कबीर चौक से इमली गोला चौक इमली गोला चौक से HP पेट्रोल पम्प तक रोड की ख़राबी की वजह से नाली का पानी बीच रोड में आ गया है इस वजह से आने जाने वाले लोगों को काफी तकलीफ़ों का सामना करना पर रहा है। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द बनवा दिया जाए ताकि किसी को भी आने जाने में तकलीफ का सामना ना करना परे।
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किशनगंज विधायक इजहारूल हुसैन ने जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री से मिलकर छत्तरगाछ रेफरल अस्पताल को छतरगाछ पंचायत सरकार भवन में शिफ्ट कर नियमित रूप से सभी स्वास्थ्य सेवा संचालन करने का अनुरोध किया।रेफरल अस्पताल का ओपीडी का संचालन पंचायत सरकार भवन में किया जा सकता है।जिसके लिए पंचायत भवन का 8 रूम की आवश्यकता होगी।फिलहाल रेफरल अस्पताल का ओपीडी का संचालन रेफरल अस्पताल में ही किया जा रहा है।
किशनगंज जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के द्वारा अपराह्न मंडल कारा का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा कारा में बंदियों की समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली गई।अधीक्षक,मंडल कारा से कैदियों के ससमय आहार, पेयजल, चिकित्सा और मनोरंजन व अन्य समस्याओं को लेकर पूछताछ कर आवश्यक निर्देश दिया गया।
किशनगंज जिले को पहचान दिलानेवाला प्रसिद्ध खगड़ा मेला आज अपने अस्तित्व खोने के कगार पर पहुंच चुका है। शुरुआत में 1832 एकड़ में लगने वाला मेला अब सिमट कर चार पांच एकड़ में रह गया है। लोगों की मांग है कि खगड़ा मेला में हुए अतिक्रमण को हटाया जाए।
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत रतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से सुहिया घाट में बना चचरी पुल का कुछ हिस्सा बह जाने एवं कुछ हिस्सा जलसमाधि की भेंट चढ़ जाने से नाव यातायात का जरिया बन गया है। लोगों की मांग है कि यहां पक्की पुल का निर्माण हो।
