बिहार राज्य के किशनगंज जिला कभी जूट के लिए मशहूर रहा लेकिन अब जिला में जूट की खेती से किसान विमुख हो रहे हैं। जिसका नतीजा है कि साल दर साल जूट का रकबा भी घट रहा है। जिससे जूट का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। सरकार की अनदेखी के चलते यहां के जूट किसान अपने उत्पाद को बिचौलियों के हाथों बेचने को मजबूर थे। लेकिन अब जूट किसानों के दिन बहुरनेवाले हैं। जूट किसानों पर सरकार की नजर फिर गयी है। सरकार ने कोसी व सीमांचल के सात जिलों में जूट की खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। जिसमें किशनगंज भी शामिल है। वह दिन दूर नहीं जब किशनगंज फिर से जूट की खेती में अपनी लोकप्रियता हासिल करेगा।