Transcript Unavailable.
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से संवाददाता कालीचरण जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दी की जल संचय तभी सम्भव है जब लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ करना बंद करेंगे,अगर एक पेड़ काटा जाता है तो उसके बदले दो पेड़ लगाए जाये।जिस प्रकार अपने बच्चों का पालन-पोषण किया जाता है उसी प्रकार पेड़-पौधों का भी पालन-पोषण करना चाहिए।पर्यावरण का दोहन जो हम करते जा रहें है बारिश न होने का और बिन मौसम बरसात होने का यही कारण है ,साथ ही तापमान में वृद्धि भी इसी वजह से हो रही है।कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ जल की बहुत कमी है और उन स्थानों पर टैंकरों द्वारा या सरोवरों के द्वारा जल पहुँचाया जाता है।इसलिए जल का संचय आवश्यक है जिससे की सभी लोगो को पर्याप्त मात्रा में जल मिल सके।इन्होने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा की एक नियम बनाया जाये की एक सिमित मात्रा से ज्यादा जल कोई इस्तेमाल न करें और जल की कमी न होने दिया जाए।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
मध्य प्रदेश जिला मोरेना से भीम सिंह तोमर मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की समाज में विकलांगो को दृष्टिहीन नजरों से देखा जाता है।विकलांगो को कोई ऐसा कार्य या पढाई करना चाहिए जिससे उनमे गुणवत्ता उत्पन्न हो और समाज उन्हें दृष्टिहीन नजरों से ना देखे।पहले अक्सर देखा जाता था की लोग दृष्टिबाधितों को शादी विवाह के कार्यक्रमों में नहीं ले जाना चाहते है उनको सिर्फ घर में रखते थे।पर आज समय बदला है। लोग जागरूक हुए है. विकलांगो की नौकरी लगनी शुरू हो गयी है इस माध्यम से विकलांगो आज मजबूत बने है वे आर्थिक रूप से संबल हुए है।लोगो के पास जब पैसे होते है तो लोग उन्हें पूछते है आदर सम्मान देते है. समाज में विकलांगो को उच्च पदों पर आसीन होना होगा जिससे समाज में उनका कद बढे।समाज में कई लोग ऐसे भी होते है जिनको सोच गलत होती है और उसी सोच के कारण वे विकलांगो का विवाह नहीं करते है, जो की गलत है।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
