इलेक्ट्रॉनिक बम देश में काला धन ख़त्म करने के लिए नहीं लाया गया है ,पार्टी को गबन का चंदा मिलने के लिए लाया गया। इसमें पार्टी को कुछ न कुछ डिटेल होता था। जिसमे लोगो के साथ फ्रॉड हो रहा था
एक वर्ष पहले लॉक डाउन चल रहा था। सब काम में प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। अचानक 2021 में उत्तरप्रदेश की बारी आई तो वह मृत की लाशों को हटाने का काम नहीं हो रहा था। जिसमे लोगों की चर्चा शुरू हुई। लोकतान्त्रिक व्यवस्था में कुछ लोगों को बोलने का अधिकार नहीं है
कई लोकतान्त्रिक व्यवस्था में अलग - अलग चालों का इस्तेमाल किया गया है और उसका इस्तेमाल करने के बाद ये लोग देश का सबसे बड़ा देश नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा देश हैं । लोकतांत्रिक व्यवस्था बता रही है । विज्ञान और शिक्षित लोग इस प्रणाली के बारे में बहुत अच्छी तरह से जानते हैं ।
भारत सरकार की किसी न किसी योजना में कोई न कोई त्रुटि ज़रूर होता है। योजना अब जातिवादी हो गया है। उच्च जाति को लाभ मिलेगा परन्तु निचली जाति वाले को कोई लाभ नहीं
महाराष्ट्र राज्य के नागपुर जिला से आदर्श ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की राजनीति में सत्ता लाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल किया गया है । उनके द्वारा की गई गलती दूसरों पर थोपी गई है। क्योंकि वे खुद गलतियाँ करते रहे लेकिन गलती ऐसे लोगों पर थोपी गई जो कभी अक्सर धर्म की राजनीति में शामिल नहीं थे ।
महाराष्ट्र राज्य के जिला नागपुर से मोबाइल वाणी के माध्यम से आदर्श बता रहें हैं की इनका मानना है कि सोशल मीडिया का उपयोग कोई ज्ञान के लिए कर रहा है , इसका क्या उपयोग है । इसलिए इसकी पुष्टि करने के लिए , मुझे लगता है । असली शिक्षा वही है जो पहले हुआ करती थी।
महाराष्ट्र राज्य के नागपुर से मोबाइल वाणी के माध्यम से आदर्श बोल रहें हैं की राशन कार्ड न मिलने के सबसे बड़े कारणों में से एक यह है कि बयानबाजी में सबसे पहले हमें यह बताया जाता है । कि हमने अभी तक अस्सी करोड़ लोगों को राशन दिया है और ऐसा नहीं हो रहा है , लेकिन यहां सुनने में आ रहा है कि कुछ लोगों का राशन कार्ड नहीं बन रहा है , कुछ लोगों का राशन कार्ड है लेकिन इसमें लोगों का नाम शामिल नहीं किया जा रहा है । कोई परिवार का नाम हटाना चाहता है , कोई जोड़ना चाहता है , शायद सरकार खुद नहीं चाहती कि कोई व्यक्ति किसी योजना के लिए आवेदन करे , लेकिन यहाँ बताया गया है कि अस्सी लाख लोगों को राशन मिल रहा है लेकिन मुझे लगता है कि इसका सबसे बड़ा कारण यह हो सकता है कि अब सरकार नए पंजीकृत लोगों को योजना का लाभ नहीं देना चाहती है ।
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महाराष्ट्र राज्य के नागपुर जिला से आदर्श ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की धर्म के नाम पर जो राजनीति की गई , धर्म के नाम पर वोट मांगे गए , इसके अलावा भगवान के नाम पर किया जाएगा । यह भारत के विकास के संदर्भ में नहीं है , यह कुछ और करने की योजना है
महाराष्ट्र राज्य के नागपुर जिला से आदर्श ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख का जो घोषणा किया है उसमे भी गड़बड़ी होने का अनुमान है। क्योकि चुनाओं की तारीख में बहुत दिन का अंतर रखा गया है
